कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

असम हत्याकांडः अब तक 68 की मौत, राजनाथ आज दौरे पर..

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

असम में मंगलवार रात बोडो उग्रवादियों के हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 तक पहुंच गई है. इसके साथ्ा ही दो सौ से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. बुधवार को इस घटना का विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिस की फायरिंग में भी 5 लोग मारे गए हैं. इसके बाद से पूरे इलाके में तनाव की स्थिति है.ndfbs-militants-kill-68-people-in-assam1

अपने परिजनों की हत्या से उग्र आदिवासी हिंसक हो गए और बोडो कार्यकर्ताओं के घरों में आग लगा दी.इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह असम पहुंच चुके हैें. वे उन दोनों ही स्थानों पर जाएंगे जहां उग्रवादियों ने इन हत्याओं को अंजाम दिया था. इस बीच सूचना है कि कोकराझार के गोसाइगांव में फिर हिंसा भड़क उठी है. उल्लेखनीय है कि कुछ ही देर में वहां राजनाथ सिंह का दौरा होना है.

इधर, पुलिस के साथ हुए संघर्ष में जहां 3 आदिवासियों को पुलिस की गोलियां लगीं, वहीं 2 आदिवासियों को उन्हीं के लोगों ने मार दिया. पुलिस स्थिति संभालने में जुटी है. पुलिस ने हमले के लिए प्रतिबंधित संगठन एनडीएफबी (एस) को जिम्मेदार ठहराया है. वहां मारे गए लोगों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. इस स्थिति के मद्देनजर पूरे असम में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. दूसरी तरफ पीएम नरेन्द्र मोदी ने मरने वालों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की है.ndfbs-militants-kill-68-people-in-assam

आदिवासियों का विरोध मार्च
हमले से गुस्साए आदिवासियों ने बुधवार को विरोध मार्च निकाला और कथित तौर पर बोडो समुदाय के लोगों के पांच मकानों को सोनितपुर जिले के बिश्वनाथ चिरैली पुलिस चौकी के तहत आने वाले क्षेत्र फूलोगुरी में आग लगा दी. चाय बागान के हजारों कर्मचारियों ने हाथों में तीर-कमान लेकर प्रदर्शन रैलियां निकालीं. प्रदर्शनकारियों ने सोनितपुर के धेकियाजुली के पास एनएच-15 को सात किलोमीटर तक जाम कर दिया.

पीएम और सीएम का विरोध
सामूहिक हत्याओं के विरोध में सोनितपुर समेत तीनों जिलों में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. इसी प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लोगों पर गोलियां चला दी, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई. तीनों मौतों की जानकारी खुद सीएम तरुण गोगोई ने दी.

5 लाख की राहत राशि
उग्रवादी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को केन्द्र सरकार की ओर से 5 लाख रुपए और प्रधानमंत्री राहत कोष की तरफ 2 लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा हुई है. वहीं घटना में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार की राहत राशि देने की घोषणा की गई है.

5000 जवानों की तैनाती

गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बताया कि केंद्र असम की अपील पर केंद्रीय बलों की 50 कंपनियां (5000) भेज रहा है. उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस प्रकार की हिंसा हुई जबकि हम पहले ही यह संदेश दे चुके हैं कि हिंसा और विकास साथ-साथ नहीं चल सकते’. एनडीएफबी-एस धड़े के बोडो उग्रवादियों द्वारा किए गए श्रृंखलाबद्ध हमलों के मद्देनजर केंद्र सीआरपीएफ के 5000 जवानों को असम भेजा जा रहा है.

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: