कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

162 सवारियों के साथ एयर एशिया का विमान लापता..

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

इंडोनेशिया से सिंगापुर जा रहा एयर एशिया का विमान लापता हो गया है. इस विमान में 155 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स सवार हैं. फ्लाइट नंबर Q8501 का सुबह करीब पौने पांच बजे एय़र ट्रैफिक कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया था. संपर्क टूटने से पहले विमान ने रास्ता बदला था.AirAsia

विमान ने इंडोनेशिया के सुराबया शहर से उड़ान भरी थी. पिछले करीब चार घंटे से विमान का कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा है. टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, आखिरी बार जब कंट्रोल रूम में बात हुई थी तो किसी वैकल्पिक रास्ते को लेकर बात की गई थी. एयर एशिया ने इस फ्लाइट के लापता होने की पुष्टि की है.

एयर एशिया की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘एयर एशिया इंडोनेशिया खेद के साथ इस बात की पुष्टि करता है कि फ्लाइट संख्या QZ8501 का संपर्क टूट गया है. इंडोनेशियाई समय के मुताबिक, सुबह 07:24 बजे विमान का संपर्क टूटा. दुर्भाग्यवश हमारे पास अभी विमान से जुड़ी कोई सूचना नहीं है लेकिन जैसी ही जानकारी मिलती है तो हम सभी पक्षों को सूचित करेंगे. एयरक्राफ्ट एयरबस A320-200 है जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर PK-AXC है. एयर एशिया ने खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है.’

एयर एशिया ने यात्रियों के परिजनों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. नंबर है- +622129850801

इसी साल 8 मार्च को मलयेशियाई एयरलाइंस का विमान एमएच 370 भी उस समय लापता हो गया था जब वह कुआलालंपुर से पेइचिंग जा रहा था. कई महीनों बाद भी विमान की सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है.

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: