/गैंग रेप की खबर को फूहड़ ढंग से प्रकाशित कर पुलिस एवं नेता को खुश करने का प्रयास..

गैंग रेप की खबर को फूहड़ ढंग से प्रकाशित कर पुलिस एवं नेता को खुश करने का प्रयास..

बिहार का नंबर 1 अख़बार कहलाने वाले हिंदुस्तान की भागलपुर यूनिट के सहरसा संस्करण में आज 3 जनवरी के अंक में एक विवाहित महिला के साथ गैंग रेप की खबर को अंदर के पेज पर फूहड़ ढंग से प्रकाशित कर पुलिस एवं नेता को खुश करने का प्रयास किया गया है. जबकि दैनिक जागरण एवं प्रभात खबर अख़बार ने प्रथम पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित की है.Hindustan-Page-4

इसका कारण है की हिंदुस्तान सहरसा के मोडम प्रभारी नवीन निशांत पैसे एवं पैरवी के बल पर करीब 20 वर्षों से सहरसा में ही जमे हुए हैं. अपने कार्यकाल में अख़बार के बल पर मधेपुरा स्थित सी.एम.साइंस डिग्री कॉलेज में लेक्चरर बन गए हैं. यह कॉलेज सिमरी बख्तियारपुर के जदयू विधायक डॉ अरुण कुमार का है. जिनका घर सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के करूआ गांव में है. नव वर्ष 1 जनवरी की रात बलात्कार की घटना करूआ गांव में ही घटी. नवीन निशांत पुलिस का हिमायती इसलिए है कि ये ज़मीन खरीद-बिक्री का कारोबार बड़े पैमाने पर बिचौलिये के माध्यम से करते हैं. विवादित ज़मीन पर अगर विधि-वयवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाती है तो पुलिस का सहारा लेतें हैं.

गत वर्ष एम.एल.सी. बनने के ख्वाब में जदयू के एक राष्ट्रीय नेता को खूब तेल लगाया. उक्त नेता एवं पार्टी के पक्ष में हिंदुस्तान में रोज़ाना भर पेट खबर लिखी गयी. इनके पक्ष में लिखी गई खबरों से पूरा पूरा पेज रंग दिया जाता था. लेकिन नेता ने ठेंगा दिखा दिया. तबसे सहरसा में लोग पत्रकार कम एम.एल.सी.साहब के नाम से ज्यादा पुकारने लगे. अब लोग सहरसा हिंदुस्तान कार्यालय को जदयू कार्यालय कहने से नहीं चूकते हैं. गैंग रेप घटना के दोनों नामजद आरोपी, विधायक एवं डीएसपी एक ही जाति के हैं. इसलिए हिंदुस्तान ने पीड़िता की आवाज को नहीं उठाया. सहरसा में “हिंदुस्तान” भ्रष्ट नेता, प्रशासन, दलाल आदि के समक्ष नतमस्तक हैं.

सहरसा से एक पत्रकार के रिपोर्ट पर आधारित

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