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राज्यसभा में मोदी ने अपने गोलपोस्ट में ही गोल ठोक दिया..

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-शकील अख्तर||

राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने सेल्फ गोल किया! बीजेपी के और नेताओं के साथ सभापति अंसारी ने इसके लिए अनुकूल माहौल बनाया।
मोदी तीन बजे सदन में आए। सीपीआई के डी राजा और सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा की स्पीच उन्होंने सुनी। मगर लोकसभा की तरह यहां भी उन्होंने कुछ भी नोट नहीं किया। जबकि सभी प्रधानमंत्री नोट्स लेते रहे हैं।rajya_20913
संसदीय कार्य राज्यमंत्री नकवी ने शर्मा को बोलने से रोकने की कोशिश करके पहला गलत मूव बनाया। विपक्ष को याद दिलाया कि वह यहां बहुमत में है।
मोदी ने शुरुआत इसी अंदाज से की जैसे वे विपक्ष की ताकत जानते हैं। शांत, संयत तरीके से। मगर दो मिनट बाद ही वे चुनौती वाले तेवर में आ गए। ललकारने लगे। बची खुची कसर अंसारी ने पूरी कर दी। वे इतनी जोर से और गुस्से में विपक्ष को डांट रहे थे कि सीनियर सदस्यों के चेहरों पर भी नागवारी के भाव उभर आए।


फिर इस पर मोदी ने यह गजब और किया कि धन्यवाद प्रस्ताव पास होने से पहले ही सदन से चले गए। ऐसा कभी नहीं होता।


सीपीएम के सीताराम येचुरी के संशोधन पर सरकार की हार निश्चित थी। मगर सत्ता पक्ष की तरफ से संशोधन वापस करवाने के कोई गंभीर प्रयास नहीं हुए। वरना आम तौर पर विपक्ष राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर मत विभाजन के लिए अड़ता नहीं है।
बाद में येचुरी ने कहा कि सत्ता पक्ष के अहंकार, परम्परा के मुताबिक स्पष्टीकरण न पूछने देने, विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने, प्रधानमंत्री द्वारा चर्चा में उठाए किसी मुद्दे का जवाब न देने और सदन से उठकर चले जाने से मजबूर होकर उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।

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