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पत्रकारिता का एक युग खत्म,नहीं रहे विनोद मेहता..

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नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता का आज निधन हो गया। विनोद मेहता आउटलुक ग्रुप के संस्थापक संपादक थे। विनोद मेहता ने आउटलुक को नई पहचान दिलाई। विनोद मेहता अंग्रेजी के पत्रकार थे और अंग्रेजी में लिखना ज्यादा पसंद करते थे।

एम्स में निधन

73 साल के विनोद काफी समय से बीमार चल रहे थे उनका एम्स में इलाज चल रहा था। आज सुबह उनका निधन हो गया। विनोद का जन्म रावलपिंडी में हुआ था। पत्रकारिता में उन्होंने काफी लंबे समय तक अपना योगदान दिया। उनकी मौत से मीडिया जगत के लोगों को काफी धक्का लगा है।Vinod-Mehta1

रावलपिंडी में हुआ था जन्म

विनोद मेहता का जन्म 31 मई 1942 को रावलपिंडी में हुआ था। बंटवारे के बाद 1950 में विनोद भारत आए और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहने लगे। उन्होंने अपनी पढ़ाई लखनऊ विश्वविद्यालय से की थी।

कई अखबार किए लॉन्च

विनोद मेहता ने आउटलुक समेत कई और अखबारों व पत्रिकाओं को भी लॉन्च किया था और उनके संस्थापक संपादक रह चुके थे। वो अपने जीवनकाल में द पायनियर, संडे ऑब्जर्बर, द इंडिपेंडेंट और फिर आउटलुक के संपादक रहे। इनकी मैग्जीन आउटलुक ने ही सबसे पहले राडिया टेप केप विवाद का खुलासा किया था।

सबसे कम उम्र के एडिटर

1974 में मेहता सबसे कम उम्र के एडिटर बने जब उन्होंने डेबूनियर मैगजीन को ज्वाइन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित जीके रेड्डी मेमोरियल पुरस्कार और यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

संजय गांधी-मीना कुमारी की जीवनी लिखी

विनोद मेहता ने फिल्म एक्ट्रेस मीना कुमारी और संजय गांधी की जीवनी भी लिखी। विनोद मेहता की ऑटो बायोग्राफी ‘लखनऊ ब्वॉय’ खासी मशहूर रही, जो 2011 में पब्लिश हुई थी। ‘लखनऊ ब्वॉय’ की कहानी को आगे बढ़ाती उनकी एक और किताब ‘एडिटर अनप्लग्ड’ पिछले साल आई।

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