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केजरीवाल पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगने पर अंजलि दमानिया ने आप से इस्तीफा दिया..

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मनमुटाव और नीतियों से असंतुष्ट नेताओं का आम आदमी पार्टी से पलायन जारी है। बुधवार को पार्टी को एक और करारा झटका लगा, जब उसकी नेता अंजलि दमानिया ने इस्तीफा दे दिया। अंजलि ने इस्तीफा देते हुए पार्टी और अरविंद केजरीवाल के प्रति बेहद नाराजगी जाहिर करते हुए भरे एक ट्वीट किया और साफ कहा कि वे सिद्धांतों के चलते पार्टी में आई थीं, न कि खरीद-फरोख्त के लिए। दरअसल, अंजलि ने पार्टी द्वारा सरकार बनाने के लिए कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त की खबरों के सामने आने पर यह कदम उठाया। वे इससे बेहद नाराज थीं।Anjali-Damania

खरीद-फरोख्त नहीं सिद्धांतों के लिए समर्थन किया

अंजलि ने ट्विटर पर लिखा ”मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैं पार्टी में इन सब बकवास के लिए नहीं आई थी। मुझे इसमें विश्वास था। मैंने खरीद-फरोख्त के लिए नहीं बल्कि सिद्धांतों के लिए अरविंद का समर्थन किया था।” इस पोस्ट के साथ ही उन्होंने न्यूज चैनल की एक खबर का यू ट्यूब वीडियो लिंक भी शेयर किया है, जिसमें कथित रूप से अरविंद पार्टी के पूर्व विधायक राजेश गर्ग के साथ कांग्रेसी विधायकों के टूटने और उन्हें बाहरी समर्थन देेने की बात करते सुनाई दे रहे हैं।

कौन हैं अंजलि

दरअसल, अंजलि आम आदमी पार्टी की प्रमुख नेता के साथ महाराष्ट्र में पार्टी की प्रवर्तक भी रहीं। वे इंडिया अगेन्स्ट करप्शन की सक्रिय कार्यकर्ता और आरटीआई कार्यकर्ता भी हैं। वर्ष 2011 में उन्होंने अन्ना हजारे की इंडिया अगेन्स्ट करप्शन मुहिम में हिस्सा लिया और आम आदमी पार्टी के गठन के बाद उन्होंने इसकी महाराष्ट्र इकाई का जिम्मा लिया। अंजलि के पिता आरएसएस से संबंधित थे और उनके पति एम्के ग्लोबल फायनेंस में इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के प्रमुख हैं।

अंजलि उन दो व्हीसलब्लोअर में भी शामिल हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र के 72 हजार करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले का पर्दाफाश किया। इस मामले की पड़ताल के दौरान उन्हें बहुत सी धमकियां भी थीं। उन्होंने धमकी देने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई थी।

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