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पूनम पांडे अदालत में नहीं हुईं पेश, फिर भी केस रद्द..

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अपनी नग्न तस्वीरें ट्विटर पर अपलोड कर सुर्ख़ियों में रही पूनम पांडे को बेंगलुरु की एक स्‍थानीय अदालत ने बड़ी राहत देते हुए उनके खि‍लाफ चल रहा दो साल पुराना केस रद्द कर दिया है. बेंगलुरु के एस उमेश ने इस बोल्‍ड अभिनेत्री के ख‍िलाफ 2012 की उस तस्‍वीर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की श‍िकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्‍होंने एक विज्ञापन के लिए सेमी न्‍यूड पोज दिया था और उनके हाथ में सचिन तेंदुलकर के चेहरे वाली भगवान विष्‍णु की तस्‍वीर थी.poonam-pandey

पूनम को 7 नवंबर, 2012 को समन जारी करके अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था. 26 फरवरी, 2013 को एक और समन जारी करके उन्‍हें अदालत में अपना बयान देने के लिए कहा गया था. हालांकि पूनम अदालत में पेश नहीं हुई थीं क्‍योंकि दोनों ही बार उन्‍हें पुलिस की तरफ से समन ही नहीं मिला. बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक, दोनों ही मौकों पर वह अभिनेत्री को ढूंढ नहीं पाई इसलिए उन तक समन नहीं पहुंचा.

मजेदार बात यह है कि उस दौरान पूनम कन्‍नड़ फिल्‍म ‘लव इज पॉइजन’ की शूटिंग कर रही थी, फिर भी बेंगलुरु पुलिस ने उन्‍हें गिरफ्तार नहीं किया क्‍योंकि वो पहले ही समन मुंबई भेज चुकी थी. पूनम के वकील का पक्ष सुनने के बाद जस्टिस एएन वेणुगोपाल गौडा ने तकनीकी आधार पर केस रद्द कर दिया.

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