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जाटों का OBC कोटा खत्म करने पर केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह बोले कि बड़ी बेंच में अपील करेंगे..

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा जाटों का केंद्रीय ओबीसी कोटा रद्द किए जाने के फैसले के बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा, ‘हम जाट आरक्षण का समर्थन करते हैं और कोई कमी रह गई हो तो उसे दूर करेंगे.’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच में अपील करेंगे और अपनी बात रखेंगे.chaudhary-virendra-singh

दूसरी और हरियाणा के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भी अपील करने की बात कही है. हुड्डा ने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए, क्योंकि एनडीए ने भी इसका समर्थन किया था.

गौरतलब है सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जाटों को केंद्रीय ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण को खत्म कर दिया. अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि केंद्र का फैसला दशकों पुराने आंकड़ों पर आधारित है और आरक्षण के लिए पिछड़ेपन का आधार सामाजिक होना चाहिए, न कि आर्थिक या शैक्षणिक.

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि हालांकि जाति एक प्रमुख कारक है, लेकिन पिछड़ेपन के निर्धारण के लिए यह एकमात्र कारक नहीं हो सकती है और जाट जैसी राजनीतिक रूप से संगठित जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करना अन्य पिछड़े वर्गों के लिए सही नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी पैनल के उस निष्कर्ष पर ध्यान नहीं देने के केंद्र के फैसले में खामी पाई, जिसमें कहा गया था कि जाट पिछड़ी जाति नहीं है.

पिछले साल मार्च में तब की मनमोहन सिंह सरकार ने नौ राज्यों के जाटों को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी लिस्ट में शामिल किया था. इसके आधार पर जाट भी नौकरी और उच्च शिक्षा में ओबीसी वर्ग को मिलने वाले 27 फीसदी आरक्षण के हक़दार बन गए थे.

लोकसभा चुनाव से पहले 4 मार्च 2014 को किए गए इस फैसले में दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल, बिहार, मध्य प्रदेश, और हरियाणा के अलावा राजस्स्थान (भरतपुर और धौलपुर) के जाटों को केंद्रीय सूची में शामिल किया था.

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