Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

बहुत स्टिंग आपरेशन चल रहा है, दोस्तों..

By   /  March 28, 2015  /  1 Comment

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-उदय प्रकाश।।
पत्रकारिता, राजनीति या मीडिया में ‘स्टिंग’ का मतलब तो हम सब खूब जानते-देखते हैं. अक्सर यह प्रायोजित और सोची समझी योजना के साथ किसी व्यक्ति या घटना के साथ आडियो या वीडियो उपकरणों को छुपा कर चुपके से किया जाता है. इन दिनों ‘स्टिंग तकनोलाजी’ का विकास भी बहुत हो गया है. जेब में रखे पेन, कार की चाभी या शर्ट की ऊपरी बटन में फिट लेंस के कई उपकरण बाज़ार में हैं.Sting_Operation

वैसे ‘स्टिंग’ का हिन्दी में साधारण अर्थ ‘डंक’ होता है. यह अचानक किसी को पीड़ा पहुचाने के लिए किया जाता है. राजनीति में जब ऐसा डंक किसी को मारने पर, जब पीड़ित व्यक्ति चीखता-चिल्लाता है, बौखलाता है या डंकदार कीड़े को गालियाँ देता है या दर्द में तड़पता है, तो वह मीडिया का बाईट बनता है. इससे राजनीतिक मनोरंजन होता है और टीवी चैनलों का टीआरपी बढ़ता है तथा विज्ञापन राजस्व बढ़ता है. किसी विरोधी को गिराने या उसकी छवि को खराब करने के लिए उससे द्वेष या विरोध रखने वाले लोग अक्सर आये दिन ऐसा किया करते हैं.

बिच्छू, ततैया, मधुमक्खी समेत कई छोटे-मोटे कीड़े अक्सर डंक मारते हैं. बिच्छू के डंक मारने पर उस जगह पर पोटेशियम परमैगनेट को, हलकी खरोंच के बाद, मलने पर राहत मिलती है. लोहे के किसी टुकड़े से या चाकू आदि से भी उस जगह को खुजलाने-रगड़ने से कुछ देर में दंश की पीड़ा ख़त्म हो जाती है.

कुछ मौसमी मछलियाँ भी डंक मारती हैं.
दिसंबर से लेकर मार्च के महीने तक पश्चिमी आस्ट्रेलिया के उष्ण-तटबंधीय समुद्री जल में रहने वाली मछलियां, (जेली फिश), बहुत डंक मारती हैं. इनमें से सबसे खतरनाक होती हैं ‘बाक्स जेलीफिश’. ये बाकी सब बड़ी तादाद में रहने वाली मछलियों से दूर और अलग-थलग , इक्का-दुक्का गुट में रहती हैं. इनके डंक मारने पर , आस्ट्रेलिया में ट्रिपल जीरो –(000) नंबर पर फोन करने पर फ़ौरन उपचार होता है. जिस व्यक्ति को ये डंक मारती हैं , उसे शांत करने के लिए कार्डियो-पलमिनरी रिस्कसियेशन (हृत-तंत्रीय उपचार) किया जाता है.

वैसे सबसे आसान होता है, शरीर के जिस जगह पर डंक मारा गया हो, वहां फ़ौरन सिरका (विनेगर) उड़ेल कर अच्छी तरह रगड़ देना चाहिये.
सबसे बेहतर तो यही है कि ‘स्टिंगर’ या ‘डंक’ मारने वाले कीड़े-मकोड़ों या अन्य प्राणियों से दूर ही रहा जाय .
मैंने भी इन दिनों यही फैसला किया है.
आपके क्या विचार हैं?

(प्रसिद्ध साहित्यकार और चिंतक उदय प्रकाश की फेसबुक वाल से)

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 3 years ago on March 28, 2015
  • By:
  • Last Modified: March 28, 2015 @ 9:01 am
  • Filed Under: राजनीति

1 Comment

  1. AAP COMPANY BAHADUR'S HAVE NOT PROVED THEMSELVES THAT THEY WERE EVER ' HONEST '. > IN THE NAME OF AAM ADMI CHIRKUTES HAVE GATHERED FROM CORRUPTS AND MUFTAKHORAS OF DIFFERENT PARTY's TO ENCASH THE SENTIMENTS OF INNOCENT & HONEST CITIZENS OF DELHI; TO RUIN THE DELHI PLANNING AND TO COLLECT THE 'CHANDA' 'satyamevjayte'

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पाकिस्‍तान ने नहीं किया लेकिन भाजपा ने कर दिखाया..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: