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मोदी समेत देश के तमाम नेता मीडिया-मैनेजमेंट और ख़रीद-फ़रोख्त में केजरीवाल के सामने बौने साबित हुए ..

By   /  March 30, 2015  /  No Comments

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-अभिरंजन कुमार।।

केजरी भाई ने खुलासा किया है कि दो बड़े समाचार चैनलों के वरिष्ठ संपादकों ने उन्हें बताया था कि योगेंद्र यादव उनके खिलाफ खबरें प्लांट करा रहे थे। इसका सीधा-सीधा मतलब यह भी हुआ कि कम से कम दो बड़े समाचार चैनलों के वे वरिष्ठ संपादक खुलकर केजरीवाल के पक्ष में ख़बरें चला और चलवा रहे थे। media-management by arvind kejriwal
अति-विश्वस्त सूत्रों के हवाले से मुझे इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि केजरीवाल ने मीडिया में कई बड़े लोगों को नेता बनाने का सपना दिखाकर उनका ईमान ख़रीदा था, तो कई छोटे और मध्यम दर्जे के लोगों को आर्थिक रूप से भी ऑबलाइज किया था। हां, कई नौजवान और ईमानदार पत्रकार ज़रूर इस उम्मीद में उनके साथ बह चले थे कि देश में क्रांति अब अगले ही मोड़ पर खड़ी है।
केजरीवाल ने सिर्फ अन्ना हज़ारे, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, किरण बेदी, योगेंद्र यादव, आनंद कुमार, मेधा पाटकर, राजेंद्र सिंह, स्वामी अग्निवेश, बाबा रामदेव, कैप्टन गोपीनाथ, एडमिरल रामदास और जनरल वीके सिंह जैसे अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गजों को ही यूज़ (एंड थ्रो) नहीं किया, बल्कि मीडिया को भी बुरी तरह यूज़ किया।
केजरीवाल की वजह से देश में न सिर्फ़ जन-आंदोलनों की विश्वसनीयता और ईमानदार वैकल्पिक राजनीति की उम्मीदों को झटका लगा, वरन मीडिया की साख भी धूल में मिल गई। जितनी मेरी समझ और जानकारी है, उसके मुताबिक मोदी समेत देश के तमाम नेता मीडिया-मैनेजमेंट और ख़रीद-फ़रोख्त में उनके सामने बौने साबित हुए हैं।

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  • Published: 3 years ago on March 30, 2015
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  • Last Modified: March 30, 2015 @ 8:10 am
  • Filed Under: मीडिया

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