Share this on WhatsApp
Subscribe to RSS
कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे mediadarbar@gmail.com पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

पंचायती खांप ने बलात्कारी को 5 जूत्ते मार माफ़ किया..

हरियाणा के यमुनानगर जिले के कस्बा रंजीतपुर स्थित गांव भगवानपुर में पंचायत ने दलित लड़की से रेप के आरोपी को अनोखा फैसला सुना दिया। पंचायत ने रेप की सजा महज 5 जूते मारने की सुनाई वह भी पंचायत के बीच। हैरत इस बात की है कि यह फैसला गांववालों ने भी स्वीकार कर लिया। हालांकि पीड़ित लड़की और उसका परिवार इंसाफ के लिए पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन पुलिस इस मामले को महज एक झगड़ा बताकर पल्ला झाड़ रही है।

Rape-is-a-social-Disease-Fifthangle-1024x646

अब गांव के सभी लोगों ने चुप्पी साधी रखी है। गांव की गलियों में पुलिस की गाड़ी चक्कर काट रही है। आरोप है कि गांव के एक दलित परिवार की एक लड़की के साथ गांव के ही एक युवक ने 25 मार्च को रेप किया। लड़की ने जब घर पर बात बताई तो पहले परिजन चुप रहे लेकिन बाद में लड़की के गूंगे पिता से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने पत्नी के साथ जाकर पुलिस में शिकायत की। अब पुलिस पर भी आरोप है कि मामले को गांव में ही निपटाने की बात कही क्योंकि गांव की पंचायत ने यही इशारा किया था।

कुछ दिन पहले गांव में एक पंचायत हुई जिसमें आरोपी युवक काला को भी बुलाया गया और पंचायत ने गांव का मामला बताते हुए आरोपी को रेप की सजा 5 जूते मारने की सुना दी। ग्रामीण मायाराम का कहना है कि इस पर गांव के लोगों ने भी ऐतराज नहीं जताया और वहीं भरी पंचायत में आरोपी को 5 जूते मारकर उसका गुनाह माफ कर दिया। लेकिन इस मामले की भनक जब मीडिया को लगी तो केस रफादफा कराने के लिए पुलिस से लेकर गांव के लोग भी एकजुट हो गए।

आरोप है कि पुलिस भी नहीं चाहती थी कि यह मामला बाहर आए, लेकिन मंगलवार को जब मीडिया के कुछ लोग रंजीतपुर पुलिस चौकी में पहुंचे तो वहां पहले से ही बिलासपुर एसएचओ और डीएसपी यमुनानगर आए हुए थे। जिन्होंने इस पूरे मामले को महज पानी के लिए हुआ झगड़ा बता दिया। हालांकि गांव के लोग दबी जुबान में यह मान रहे हैं कि आरोपी को जूते मारने की सजा पंचायत में सुनाई गई थी और सरपंच और पुलिस भी वहीं मौजूद थे। गांव के लोगों का यह भी मानना है कि ऐसी बातें छुपाई नहीं जातीं। गांव के लोगों के बीच में ही पंचायत हुई थी और वहीं सारा मामला निपट गया था। अब मामला खुलकर सामने आने से गांव के लोग डरे हुए हैं और कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।

चर्चा है दबंगई के चलते पुलिस भी इस मामले को एक तरफ तो झगड़ा बता रही है, वहीं गांव जाकर लगातार जांच में जुटी हुई है। गांव सरपंच महिपाल, एसएचओ रणधीर सिंह और डीएसपी से लेकर चौकी प्रभारी भी इस मामले की जांच में जुट गए हैं। डीएसपी मदनलाल ने केवल यही कहा है कि मामला मारपीट का था और इनका आपस में समझौता हो गया है। इस बीच, खेल और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है पंचायत को ऐसा फैसला लेने का अधिकार नहीं है, सरकार इस पर संज्ञान लेगी और इस मामले में पुलिस अपना काम करेगी। उधर, महिला आयोग ने भी इस केस में संज्ञान लिया है।

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे mediadarbar@gmail.com पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

0 comments

Add your comment

Nickname:
E-mail:
Website:
Comment:

Other articlesgo to homepage

सीवान, शहाबुद्दीन और एक हताश पिता का संघर्ष..

सीवान, शहाबुद्दीन और एक हताश पिता का संघर्ष..(0)

Share this on WhatsApp90 के दशक की शुरुआत में सीवान की एक नई पहचान बनी.वजह बाहुबली नेता शहाबुद्दीन थे.. वे अपराध की दुनिया से राजनीति में आए थे. 1987 में पहली बार विधायक बने और लगभग उसी समय जमशेदपुर में हुए एक तिहरे हत्याकांड से उनका नाम अपराध की दुनिया में मजबूती से उछला.. जेएनयू

शहाबुद्दीन जेल से रिहा, 1300 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान रवाना..

शहाबुद्दीन जेल से रिहा, 1300 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान रवाना..(0)

Share this on WhatsAppबिहार के बाहुबली आरजेडी नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार को जेल से रिहा हो गया. सीवान के चर्चित तेजाब कांड में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार सुबह वह जेल से रिहा हुए. शहाबुद्दीन को कुछ दिनों पहले पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के आरोपों में घिरने के बाद सीवान से

एक थी डेल्टा..

एक थी डेल्टा..(0)

Share this on WhatsApp-भंवर मेघवंशी|| भारत पाकिस्तान की सीमा पर बसे गाँव त्रिमोही की बेटी डेल्टा ,जो इस रेगिस्तानी गाँव की पहली बेटी थी जिसने बारहवीं पास करके रीति रिवाजों में जकड़े समाज की सीमा का उल्लघंन किया था ,उच्च शिक्षा के लिए बाहर गयी .उसके मन में कईं सपने थे ,जिन्हें वो साकार करना

जिम्बाब्वे दौरे पर गए टीम इंडिया दल के एक सदस्य पर रेप का आरोप..

जिम्बाब्वे दौरे पर गए टीम इंडिया दल के एक सदस्य पर रेप का आरोप..(1)

Share this on WhatsAppभारतीय क्रिकेट टीम के जिम्बाब्वे दौरे के दौरान रविवार (19 जून) को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब सीरीज के प्रायोजकों में से एक से जुड़े अधिकारी को कथित बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हालांकि इस अधिकारी ने इस आरोप से इनकार किया और खुद को निर्दोष बताया है।

सरकार तब कहां थी जब सिटी मैजिस्ट्रेट को पीटा था रामवृक्ष ने..

सरकार तब कहां थी जब सिटी मैजिस्ट्रेट को पीटा था रामवृक्ष ने..(2)

Share this on WhatsAppअब तो केवल बकलोल कमिश्नरी ही होगी कमिश्नरी जांच के नाम पर.. एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं रामवृक्ष यादव पर, कार्रवाई एक नहीं.. एसएसपी आफिस के सामने से सैल्यूट लेता था रामवृक्ष यादव.. -कुमार सौवीर॥ लखनऊ : मथुरा में आतंक बन चुके रामवृक्ष यादव ने डेढ़ साल पहले भी जवाहर बाग

read more

मीडिया दरबार एंड्राइड एप्प

मीडिया दरबार की एंड्राइड एप्प अपने एंड्राइड फ़ोन पर इंस्टाल करें.. Click Here To Install On Your Phone

Contacts and information

मीडिया दरबार - जहाँ लगता है दरबार. आप ही राजा हैं इस दरबार के और कटघरे में है मीडिया. हम तो मात्र एक मंच हैं और मीडिया पर अपनी निगाह जमायें हैं, जहाँ भी मीडिया में कुछ गलत होता दिखाई देता है उसे हम आपके सामने रख देते हैं और चलाते हैं मुकद्दमा. जिसपर सुनवाई करते हैं आप, जहाँ न्याय करते हैं आप. जी हाँ, यह एक अलग किस्म का दरबार है. मीडिया दरबार...

Social networks

Most popular categories

© 2014 All rights reserved.
%d bloggers like this: