Share this on WhatsApp
Subscribe to RSS
कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे mediadarbar@gmail.com पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

अपर निदेशक पर रूबी चौधरी ने लगाये नौकरी के नाम पर रिश्वतखोरी के आरोप..

मसूरी के लाल बहादुर अकादमी में जासूसी का मामला- उत्तराखंड पुलिस पर पड़े छींटे.. मसूरी के लाल बहादुर अकादमी में जासूसी की आरोपी महिला को एस पी सिटी अजय सिंह ने विधान सभा के सामने स्थित गेस्ट हाउस में क्यों रुकवाया हुआ था और उसके फरार होने का समाचार उडाया हुआ था..

-चंद्रशेखर जोशी||

जिस महिला के नाम पर मसूरी के लाल बहादुर अकादमी में जासूसी व अवैध तरीके से रहने का आरोप था उसी महिला रूबी चौधरी को एस पी सिटी अजय सिंह पर विधानसभा के सामने गेस्ट हाउस में रुकवाने के आरोप महिला ने लगाये हैं महिला ने आरोप लगते हुए कहा कि संस्थान के अपर निदेशक सौरभ जैन ने नौकरी लगाने के नाम पर उसने 20 लाख रुपयों में सौदा किया था, जिसमे से 5 लाख रुपये वो अग्रिम ले चुका था. महिला रूबी चौधरी पर संस्थान ने छह महीने से अवैध तरीके से रहने और फर्जी आई डी रखने का आरोप लगाया था रूबी चौधरी ने कहा कि वह अवेध तरीके से नहीं रही बल्कि सौरभ जैन के की थी मेरे रुकने की व्यवस्था.

RUBY_CHOWDHRY

मामले के खुल जाने पर उत्तराखंड पुलिस पर भी छींटे पड़े हैं कि आखिर जिस महिला रूबी चौधरी पर मसूरी थाने में अपराधिक मामला दर्ज किया गया था उसको एस पी सिटी अजय सिंह ने विधान सभा के सामने स्थित गेस्ट हाउस में क्यों रुकवाया. पत्रकार राजेन्‍द्र जोशी की रिपोर्ट के अनुसार लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में छह माह तक एक महिला फर्जी एसडीएम बनकर जासूसी करती रही और किसी को खबर तक नहीं हुई. अकादमी के एक आला अधिकारी के मौखिक निर्देशों के बाद अकादमी में दाखिल हुई महिला गार्ड रूम में रहती थी और अकादमी के कैंपस में लाइब्रेरी समेत अन्य जगहों पर आती-जाती थी. पहचान पत्र फर्जी होने के खुलासे के बाद महिला को आसानी से भागने दिया गया. महिला के अकादमी से जाने के आठ दिन बाद सुरक्षा अधिकारी की तहरीर पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है.

पत्रकार शिव प्रसाद सती के अनुसार अकादमी के सुपरिंटेंडेंट ट्रेनिंग विक्रम सिंह ने 7 अगस्त 2012 को मसूरी थाने में इलेक्ट्रानिक उपकरणों से अश्लील चित्र और सूचना प्रकाशित करने का मामला आईटी एक्ट में दर्ज कराया था. यह मामला भी तब काफी चर्चा में रहा, लेकिन पुलिस जांच न तो आगे बढ़ी न ही इसका कोई निष्कर्ष निकल पाया. ताजा प्रकरण के भी इसी तरह का हश्र होने की आशंका जताई जा रही है.

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्‍त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में छह माह से रह रही फर्जी महिला आईएएस गुरुवार को नए खुलासा किया. खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाली रूबी चौधरी ने मीडिया को बताया कि उसके किसी रिश्तेदार ने एकेडमी में लाइब्रेरियन की नौकरी दिलाने के लिए 20 लाख रुपए की मांग की थी. जिसमें से वह दस लाख रुपए दे चुकी है. इसलिए ही रूबी एकेडमी में रह रही थी. रूबी ने बताया कि इस बारे में संस्‍थान के डायरेक्ट, डिप्टी डायरेक्टर से लेकर कई अधिकारियों को पता था. डायरेक्टर ने ही उसे एंट्री कार्ड उपलब्‍ध करवाया था. वह कोई जासूस नहीं है और न ही कोई अपराधी है. वह दो दिन से एसपी सिटी के संपर्क में है. रूबी ने कहा कि यदी वह अपराधी होती तो कब की फरार हो गई होती. रूबी ने मीडिया के जरिए मांग की कि इस मामले में जो भी दोषी हैं उन्हें सजा दी जाए. रूबी ने कहा ‌कि अगर मैं दोषी हूं तो मुझे भी दंड मिलना चाहिए.

-बीएस सिद्धू, डीजीपी यह कह रहे थे कि मामला बेहद संगीन है. जरूरत पड़ी तो पुलिस मुख्यालय की विशेष टीम भी जांच में लगाई जाएगी. फिलहाल, जिला पुलिस इसकी जांच कर रही है. एसएसपी को इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है.

रूबी चौधरी पुत्री सत्यवीर सिंह निवासी कुतबी गांव मुजफ्फरनगर सितंबर 2014 में अकादमी में आई थी. तब रूबी ने प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई) नैनीताल से जारी पहचान पत्र दिखाया था, जिस पर उसे एसडीएम दर्शाया गया था. बताया जा रहा है कि अकादमी के ही एक आला अधिकारी के कहने पर महिला को सुरक्षा गार्ड देव सिंह के कमरे में ठहराया गया. तब से लेकर मार्च तक महिला वहीं रही. इस दौरान अकादमी में राष्ट्रपति से लेकर अन्य वीवीआईपी के दौरे हुए.

बावजूद इसके सुरक्षा अधिकारियों को महिला पर शक नहीं हुआ. महिला अकादमी की उस लाइब्रेरी में भी बेरोकटोक जाती रही, जिसमें जाने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं. इस बीच अकादमी में महिला की मौजूदगी पर सवाल उठने लगे तो उसके आईकार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की गई तो उसका पहचान पत्र फर्जी पाया गया. 23 मार्च को जब मालूम हुआ कि महिला का पहचान पत्र फर्जी है तो उसे आनन-फानन में हटा दिया गया.

बताया जा रहा है कि उसके भगाने में सुरक्षा गार्ड देव सिंह की अहम भूमिका रही. यही वजह है कि देव सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. मंगलवार को सुरक्षा अधिकारी प्रशासन सत्यवीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. एसआई पवन भारद्वाज को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. महिला के पहचान पत्र फर्जी होने के खुलासे के आठ दिन बाद उसके खिलाफ तहरीर देना भी सवाल खड़े कर रहा है. आखिर सुरक्षा अधिकारियों ने उसी दिन पुलिस को क्यों जानकारी नहीं दी? महिला को आसानी से अकादमी से कैसे जाने दिया गया? जब महिला मसूरी छोड़ चुकी है तब तहरीर क्यों दी गई? यदि मामले का खुलासा होते ही पुलिस को तहरीर दी जाती तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता था.
राष्ट्रीय अकादमी में फर्जी पहचान पत्र पर महिला का रहना वहां के सुरक्षा तंत्र पर सवाल उठा रहा है. महिला गार्ड रूम में रही, बावजूद इसके जांच पड़ताल नहीं की गई. इसके अलावा वह आला अधिकारी कौन था, जिसकी शह पर महिला अकादमी में दाखिल हुई? अकादमी की सुरक्षा ऐसी है कि बाहरी व्यक्ति भीतर प्रवेश ही नहीं कर सकता. रोज अंदर जाने वाले कर्मचारियों को भी सुरक्षा के मानकों से गुजरना पड़ता है. संदिग्ध युवती रूबी को किसने अंदर प्रवेश दिलाया और कौन उसे संरक्षण दे रहा था, –

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे mediadarbar@gmail.com पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

0 comments

Add your comment

Nickname:
E-mail:
Website:
Comment:

Other articlesgo to homepage

सीवान, शहाबुद्दीन और एक हताश पिता का संघर्ष..

सीवान, शहाबुद्दीन और एक हताश पिता का संघर्ष..(0)

Share this on WhatsApp90 के दशक की शुरुआत में सीवान की एक नई पहचान बनी.वजह बाहुबली नेता शहाबुद्दीन थे.. वे अपराध की दुनिया से राजनीति में आए थे. 1987 में पहली बार विधायक बने और लगभग उसी समय जमशेदपुर में हुए एक तिहरे हत्याकांड से उनका नाम अपराध की दुनिया में मजबूती से उछला.. जेएनयू

शहाबुद्दीन जेल से रिहा, 1300 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान रवाना..

शहाबुद्दीन जेल से रिहा, 1300 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान रवाना..(0)

Share this on WhatsAppबिहार के बाहुबली आरजेडी नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार को जेल से रिहा हो गया. सीवान के चर्चित तेजाब कांड में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार सुबह वह जेल से रिहा हुए. शहाबुद्दीन को कुछ दिनों पहले पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के आरोपों में घिरने के बाद सीवान से

एक थी डेल्टा..

एक थी डेल्टा..(0)

Share this on WhatsApp-भंवर मेघवंशी|| भारत पाकिस्तान की सीमा पर बसे गाँव त्रिमोही की बेटी डेल्टा ,जो इस रेगिस्तानी गाँव की पहली बेटी थी जिसने बारहवीं पास करके रीति रिवाजों में जकड़े समाज की सीमा का उल्लघंन किया था ,उच्च शिक्षा के लिए बाहर गयी .उसके मन में कईं सपने थे ,जिन्हें वो साकार करना

जिम्बाब्वे दौरे पर गए टीम इंडिया दल के एक सदस्य पर रेप का आरोप..

जिम्बाब्वे दौरे पर गए टीम इंडिया दल के एक सदस्य पर रेप का आरोप..(1)

Share this on WhatsAppभारतीय क्रिकेट टीम के जिम्बाब्वे दौरे के दौरान रविवार (19 जून) को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब सीरीज के प्रायोजकों में से एक से जुड़े अधिकारी को कथित बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हालांकि इस अधिकारी ने इस आरोप से इनकार किया और खुद को निर्दोष बताया है।

सरकार तब कहां थी जब सिटी मैजिस्ट्रेट को पीटा था रामवृक्ष ने..

सरकार तब कहां थी जब सिटी मैजिस्ट्रेट को पीटा था रामवृक्ष ने..(2)

Share this on WhatsAppअब तो केवल बकलोल कमिश्नरी ही होगी कमिश्नरी जांच के नाम पर.. एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं रामवृक्ष यादव पर, कार्रवाई एक नहीं.. एसएसपी आफिस के सामने से सैल्यूट लेता था रामवृक्ष यादव.. -कुमार सौवीर॥ लखनऊ : मथुरा में आतंक बन चुके रामवृक्ष यादव ने डेढ़ साल पहले भी जवाहर बाग

read more

मीडिया दरबार एंड्राइड एप्प

मीडिया दरबार की एंड्राइड एप्प अपने एंड्राइड फ़ोन पर इंस्टाल करें.. Click Here To Install On Your Phone

Contacts and information

मीडिया दरबार - जहाँ लगता है दरबार. आप ही राजा हैं इस दरबार के और कटघरे में है मीडिया. हम तो मात्र एक मंच हैं और मीडिया पर अपनी निगाह जमायें हैं, जहाँ भी मीडिया में कुछ गलत होता दिखाई देता है उसे हम आपके सामने रख देते हैं और चलाते हैं मुकद्दमा. जिसपर सुनवाई करते हैं आप, जहाँ न्याय करते हैं आप. जी हाँ, यह एक अलग किस्म का दरबार है. मीडिया दरबार...

Social networks

Most popular categories

© 2014 All rights reserved.
%d bloggers like this: