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गृह मंत्रालय ने ग्रीनपीस के बैंक खाते सीज़ किये..

गृह  मंत्रालय  ने एनजीओ ‘ग्रीनपीस इंडिया’ के 7 बैंक अकाउंट्स को सीज कर दिया है । साथ ही एनजीओ के लाइसेंस को 6 महीने के लिए सस्पेंड करते हुए उसको मिलने वाले विदेशी अनुदान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। गौरतलब है कि सरकार ने ग्रीनपीस को नोटिस जारी कर पूछा है कि उसका रजिस्ट्रेशन कैंसल क्यों नहीं किया जाए।2015_1$largeimg20_Jan_2015_183430187

इससे पहले बुधवार को ग्रीनपीस ने आरोप लगाया था कि हाई कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद उसके एनजीओ को बाहर से मिल रहे फंड को ब्लॉक किया जा रहा है। ग्रीनपीस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मसले पर दोबारा कानून का सहारा लेगी। सरकार का मानना है कि ग्रीनपीस देशभर में विकास-रोधी अभियान चलाती है जबकि ग्रीनपीस सरकार पर पूर्वाग्रह होकर काम करने का आरोप लगा रही है।
एनजीओ को मिलने वाले अनुदान संबंधी नियमों को सरकार की ओर से सख्त किया गया है। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि करीब 200 विदेशी दानदाता इन संगठनों को चंदा देने की आड़ में मनी लॉन्ड्रिंग में लगे हुए हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने होम मिनिस्ट्री और फाइनैंस मिनिस्ट्री के साथ 188 विदेशी दानदाताओं की लिस्ट शेयर की है ताकि उनकी ओर से दिए जाने वाले अनुदान पर नजर रखी जा सके।

मालूम हो कि, जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है तब से सरकार और ‘ग्रीनपीस इंडिया’ के बीच लगातार टकराव हुए हैं। फंड पर रोक लगाने के अलावा एनजीओ की सदस्य प्रिया पिल्लई के देश से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी गई थी। मोदी सरकार और ग्रीनपीस के बीच लगातार रस्साकशी चल रही है।

हमलोग पीछे नहीं हटेंगे : ग्रीनपीस
ग्रीनपीस के एफसीआरए रजिस्ट्रेशन को सस्पेंड करने और कारण बताओ नोटिस जारी करने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रीनपीस इंडिया ने कहा है कि वैसे उसे मिनिस्ट्री की तरफ से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है लेकिन ग्रीनपीस मिनिस्ट्री के वेबसाइट पर मौजूद सूचना पर कानूनी सलाह ले रही है। ग्रीनपीस इंडिया के कार्यकारी निदेशक समित आईच ने कहा, ‘यह पूरी तरह साफ है कि हमें बदनाम किया जा रहा है। जब हम केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट गए थे, उसी समय ये सारी बातें सामने रखी गई थी और कोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया था। हमारा भारतीय कानून व्यवस्था में अगाध विश्वास है। सरकार असहमति के खिलाफ गैरजरूरी अभियान छेड़ रही है और हमलोग इससे पीछे नहीं हटेंगे।’

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