/बोको हराम की कैद में करीब दो हजार महिलाएं और लड़कियां..

बोको हराम की कैद में करीब दो हजार महिलाएं और लड़कियां..

डकार। कट्टरपंथी संगठन बोको हराम की कैद में करीब दो हजार महिलाएं और लड़कियाँ हैं। अलग-अलग जगहों पर कैद ये महिलाएं और बच्चियां बर्बरता झेलने को मजबूर हैं। उन्हें क्षमता से अधिक कैदियों वाली जेलों में रखा जाता है।
खाना पकाने, साफ-सफाई, इस्लामी लड़ाकों के साथ विवाह करने, यौन दासी और जिहादी बनने के लिए इन्हें मजबूर किया जाता है। इससे इंकार करने पर मौत के घाट उतार दिया जाता है।

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मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। 90 पन्नों की यह रिपोर्ट नाइजीरिया के चिबूक से 219 स्कूली छात्राओं को अगवा किए जाने के एक साल पूरा होने पर जारी की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 से अब तक बोको हराम कम से कम दो हजार महिलाओं और लड़कियों को अगवा कर चुका है। प्रत्यक्षदर्शियों और किसी तरह बचकर निकली 80 से अधिक अगवा महिलाओं और लड़कियों के बयान पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
बार-बार बलात्कार
इन महिलाओं और लड़कियों ने बोको हराम की दिल दहला देने वाली ज्यादतियों के बारे में बताया है। 23 मामलों में महिलाओं और लड़कियों के साथ या तो शिविर में आने से पहले बलात्कार किया गया या उनका जबरन विवाह करा दिया गया। सितंबर 2014 में अपहृत 19 वर्षीय एक महिला ने बताया कि उसके साथ कई बार सामूहिक बलात्कार किया गया। बलात्कार करने वालों में से कुछ तो उसके सहपाठी और गांव के ही थे।
कहां हैं स्कूली छात्राएं?
चिबूक से अगवा छात्राओं के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें तीन या चार समूहों में बांटकर अलग-अलग शिविरों में रखा गया है। ये शिविर बोरनो, कैमरून और चाड में हैं। बोको हराम ने पिछले साल मई में एक वीडियो संदेश जारी किया था जिसमें करीब 100 छात्राएं मुस्लिम परिधान पहनकर कुरान की आयतें पढ़ती नजर आई थी। बीबीसी ने तीन प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से इन लड़कियों को तीन हफ्ते पहले जिंदा देखे जाने का दावा किया है।
समर्थन में दुनियाभर में प्रदर्शन
अगवा स्कूली छात्राओं के समर्थन में मंगलवार को दुनियाभर में प्रदर्शन हुए। नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदू बुहारी ने इनकी तलाश में हरसंभव प्रयास का वादा किया है। सोशल मीडिया में हैशटैग ब्रिंगबैकआवरग‌र्ल्स ट्रेंड कर रहा है।
एक नजर
-नाइजीरिया में बोको हराम की हिंसा में अब तक 15 हजार लोग मारे जा चुके हैं।
-तीन सौ स्कूल नष्ट हो चुके हैं। कम से कम 196 शिक्षक और 300 से ज्यादा स्कूली बच्चे मारे गए हैं।
-15 लाख लोग घर छोड़कर भाग चुके हैं। इनमें से आठ लाख बच्चे हैं।

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