Loading...
You are here:  Home  >  दुनियां  >  देश  >  Current Article

भारतीय खातों पर से रोक हटाई जाय, ग्रीनपीस ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा..

By   /  April 17, 2015  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

ग्रीनपीस इंडिया ने गृह मंत्रालय से तत्काल भारतीय दान के लिये खोले गए घरेलू खातों पर से रोक हटाने के संबंध में पत्र लिखा है, क्योंकि ये खाते एफसीआरए के प्रावधानों के तहत नहीं आते हैं। ग्रीनपीस इंडिया को मिलने वाली राशि में से 70 प्रतिशत राशि 70 हजार भारतीय दानदाताओं के द्वारा प्राप्त होती है। 9 अप्रैल को एक आदेश में गृह मंत्रालय ने इन घरेलू चंदे के लिये खोले गए खातों को भी विदेशी चंदे वाले खाते के साथ बंद कर दिया है।

16 अप्रैल 2015 को गृह मंत्रालय को लि

फोटो: मार्कोस

फोटो: मार्कोस

खी चिट्ठी में ग्रीनपीस के कार्यकारी निदेशक समित आईच ने कहा, “ग्रीनपीस इंडिया सोसाइटी के सभी बैंक खातों को बंद करने से ग्रीनपीस के समर्पित कर्मचारियों को अनावश्यक पीड़ा की सामना करनी पड़ रही है और उन भारतीय समर्थकों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है जो ग्रीनपीस के काम का समर्थन करते हैं, जिनका उद्देश्य जनहित की रक्षा करना है और जो आने वाली पीढ़ियों के लिये स्वच्छ हवा, पानी, जंगल और साफ व टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहते हैं”।

20 जनवरी को, दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को ग्रीनपीस इंडिया को ग्रीनपीस इंटरनेशनल से पैसे लेने देने का आदेश दिया था क्योंकि सरकार कोर्ट में यह साबित करने में असफल रही थी कि इस तरह के फंड को अवरुद्ध किया जाना क्यों न्यायोचित है। इस आदेश के बावजूद 23 मार्च को गृह मंत्रालय ने एक बार फिर ग्रीनपीस इंटरेनशल से आये पैसे को अवरुद्ध कर दिया था, जबकि इस कार्रवायी के  दो हफ्ते बाद ग्रीनपीस को एफसीआरए के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अपने पत्र में ग्रीनपीस ने गृह मंत्रालय से स्पष्ट करने को कहा है कि किस कानून के आधार पर 23 मार्च को भेजे फंड पर रोक लगायी गयी है।

समित ने आगे कहा, “हमने गृह मंत्रालय से स्पष्ट करने को कहा है कि हमें 8 अप्रैल से पहले क्यों नहीं कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जब हमने 23 मार्च को ग्रीनपीस इंटरनेशनल से आये फंड को रोके जाने पर गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर कारण बताने का आग्रह किया था”।

इस पत्र में ग्रीनपीस इंडिया ने गृह मंत्रालय को सुनिश्चित किया है कि कि वो निश्चित समय अवधि में कराण बताओ नोटिस का विस्तार से उत्तर देगी।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 3 years ago on April 17, 2015
  • By:
  • Last Modified: April 19, 2015 @ 8:45 am
  • Filed Under: देश

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

जौहर : कब और कैसे..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: