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उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ 5 मई को सोनिया गांधी के आवास पर प्रदर्शन..

रुद्रपुर। ‘राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की लूट मची है, इसमें नेता, माफिया, नौकरशाह और पुलिस प्रशासन की मिली भगत है। इस लूट के खिलाफ एक सशक्त आंदोलन जरूरी है, ताकि प्राकृतिक और सार्वजनिक संपत्ति को लुटने से बचाया जा सके।’ यह बात वरिष्ठ पत्रकार, राज्य आंदोलनकारी और अधिवक्ता प्रभात ध्यानी ने कही।3 134
अंबेडकर पार्क में एक बैठक में बोलते हुए उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के प्रधान महासचिव प्रभात ध्यानी ंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक और सार्वजनिक संपत्ति की मालिक प्रदेश की जनता है न कि माफिया, नेता या शासन-प्रशासन। इसका इस्तेमाल राज्य के विकास और जन कल्याण में होना चाहिए, जबकि मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार में इस संपदा का इस्तेमाल सरकार के नजदीकी कुछ लोग ही कर रहे हैं। ध्यानी ने कहा कि इस लूट के खिलाफ बोलने वालों पर लाठियां और गोलियां चलाई जा रही हैं और उन पर झूठे मुकदमे लादे जा रहे हैं। लूट और गुंडागर्दी के खिलाफ एक व्यापक जन-आंदोलन की जरूरत है।
इस सिलसिले में 5 मई को दिल्ली में जंतर-मंतर से कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के आवास दस जनपथ तक दमन विरोधी संघर्ष समिति के तले रैली निकाली जाएगी और कंांग्रेस अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस रैली में शामिल होने के लिए राज्य भर के विभिन्न जन संगठनों और जनसरोकारों से जुड़े लोगों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में रैली में शामिल होने की लोगों से अपील की।
गोष्ठी में वक्ताओं ने किसानों, मजदूरों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर एक होकर संघर्ष चलाने पर जोर दिया। बैठक में वरिष्ठ वामपंथी नेता राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, केसर राणा, प्रताप सिंह के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता मुकुल, बीसी सिंघल, एपी भारती, कैलाश भट्ट, किशन और पंकज आदि थे।
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