कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

यूपी के मुख्यमंत्री और डीजीपी के नम्बरों से कॉल स्पूफिंग की, अरबों ठगे सपा नेता ने..

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

कभी मुख्यमंत्री तो कभी डीजीपी के क्लोन्ड फ़ोन नंबरों से बात करता था जालसाज

राज्य के दो पूर्व पुलिस महानिदेशकों सहित कई अफसरों के करोड़ों रुपए डकारे

जालसाजी और जुगाड़ से 14 गनर ले रखे थे सफेदपोश नेता ने.. आगरा के दो दरोगाओं से दस लाख की जालसाजी में पकड़ा गया.. कॉल स्पूफिंग के जरिये मुख्यमंत्री आवास से न्यूजीलैंड दूतावास को फ़ोन किया..

-अनुराग तिवारी।।

लखनऊ, एक साथ 14-14 गनर रखने वाले सपा के एक कथित नेता ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी आवास के टेलीफोन नंबर से न्यूजीलैंड के दिल्ली स्थित दूतावास से कई बार बात की, राज्य के दो पूर्व पुलिस महानिदेशकों से आलू में मोटी कमाई के नाम पर करोड़ों-करोड़ों रूपये हथियाए. कई और आईपीएस अफसरों से निवेश के नाम पर लम्बी रकम वसूली और पुलिस महानिदेशक अरविन्द कुमार जैन के सीयूजी नंबर से दर्जनों फ़ोन किये लेकिन पकड़ा गया दो दरोगाओं से जालसाजी के मामले में. एक वक़्त सफ़ेद कुर्ता-पायजामा पहनकर डीजीपी दफ्तर में धड़ल्ले से आने-जाने वाला शैलेन्द्र अग्रवाल फिलहाल आगरा पुलिस की गिरफ्त में है.11145331

सरकारी जानकारी फिलहाल इतनी है कि डीजीपी बनकर फ़ोन पर दो दरोगाओं को धमकाने और उनसे दस लाख रूपये वसूलने के आरोप में इस जालसाज को पकड़ा गया है. लेकिन गोपनीय रिपोर्टके मुताबिक कॉल स्पूफिंग यानि इन्टरनेट के जरिए दूसरों के मोबाइल और लैंडलाइन नंबर की फेक कॉल के माहिर इस सफेदपोश अपराधी ने कई बड़े लोगों से पचासों करोड़ की ठगी की है. ठगे जाने वालों में इसी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रहे दो सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी बताये जाते हैं, जिनसे इसने 36 फीसदी ब्याज दर की शर्त पर करोड़ों रूपये का निवेश आलू भंडारण के लिए कराया. एक अफसर से तो 14 करोड़ रूपये का निवेश आलू के नाम पर कराने के बाद यह जालसाज मुकर गया. उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो गहराई से जांच में कई बड़े राज खुलेंगे. वैसे उच्च स्तर पर इस बात के कयास लगाये जा रहे हैं कि करोड़ों रूपये गंवाने वाले कई रिटायर्ड और मौजूदा पुलिस अधिकारी किसी तरह अपना नाम इस बड़े जालसाजी मामले से दूर रखेंगे.

सूत्रों के मुताबिक़ आगरा के विभवनगर कॉलोनी में रहने वाला शैलेन्द्र अग्रवाल समाजवादी पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में अक्सर सक्रिय दिखता रहा है और सत्तारूढ़ दल के कई कद्दावर नेताओं से भी इसका मिलना-जुलना तस्दीक हुआ है. कॉल स्पूफिंग के जरिये शैलेन्द्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग के लैंडलाइन नंबर 22366985 का इस्तेमाल दर्जनों बार किया है. इसने खुद को मुख्यमंत्री तैनात सीनियर अफसर बताकर दिल्ली स्थित न्यूजीलैंड दूतावास के अधिकारीयों से भी कई बार बात की है. इस बात की प्रबल आशंका है कि अग्रवाल ने कई काम निकालने के लिए राज्य के कई मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल नंबर की भी क्लोनिंग की है. अग्रवाल के जालसाजी प्रकरण की जांच जैसे जैसे गहरी होगी, वैसे वैसे कई वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता के राज खुलेंगे.11118140

जानकारी के मुताबिक़ शैलेन्द्र अग्रवाल ने कॉल स्पूफिंग का इस्तेमाल करते हुए डीजीपी, शासन के वरिष्ठ अधिकारी और मुख्यमंत्री के घर और दफ्तर के नम्बरों के झांसे में कई जिलों के डीएम और एसपी को अर्दब में रखा था. इसी के चलते अग्रवाल के पास अलग-अलग जिलों से कुल 14 गनर की तैनाती का पता चला है. डीजीपी के सीयूजी मोबाइल नंबर 9454400101 और लैंडलाइन नंबर 2208085 की भी कॉल स्पूफिंग कई बार किये जाने की पुष्टि हुई है. इसी नम्बर की कॉल स्पूफिंग से उसने जीआरपी के दरोगा विजय सिंह और उसके एक और साथी दरोगा धीरजपाल सिंह को डीजीपी बनकर हडकाया और जब उधर से उलटी कॉल आई तो मामला पकड़ में आया.

दरअसल खुद को सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी का उपाध्यक्ष बताने वाले अग्रवाल ने धोखाधड़ी के इस तरीके से सैकड़ों लोगों को बेवकूफ बनाया और करोड़ों रूपये इकठ्ठा किये. 36 परसेंट ब्याज का भरी मुनाफ़ा पाने की लालच में फंसे लोगों को जब एक भी पैसा नहीं मिला तो उन्होंने शैलेन्द्र अग्रवाल के घर तगादे शुरू किये. ज्यादातर फंसे लोग गनरों की भरी फ़ौज की तलाशी के चक्कर में अग्रवाल से मिल भी नहीं पाते थे. आगरा पुलिस से जानकारी मिली है कि राजामंडी चौकी पर तैनात रहे जीआरपी दरोगा विजय सिंह और उनके साथी उपनिरीक्षक धीरजपाल सिंह की शैलेंद्र अग्रवाल से वर्ष 2013 में मुलाकात हुई थी. उसने दोनों दरोगा को अपना परिचय सपा प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में दिया था.मथुरा के मूल निवासी शैलेंद्र अग्रवाल का ताजगंज के विभव नगर स्थित एक अपार्टमेंट में फ्लैट है.

दो साल पहले अग्रवाल ने दोनों दरोगाओं से आलू में मोटी कमाई होने का हवाला देते हुए कर्ज के रूप में पांच-पांच लाख रुपये ले लिए, मगर वापस करने में आनाकानी करने लगा. पुलिस ने बताया कि अग्रवाल ने 16 अप्रैल को दरोगा विजय सिंह के मोबाइल पर डीजीपी के सीयूजी तथा पीएनटी नंबर से इंटरनेट फेक कॉल किया और धोखाधड़ी के मामले में डीजीपी बन पूछताछ करने लगा. बातचीत के दौरान शक होने पर दरोगा ने डीजीपी मुख्यालय फोन कर जानकारी ली, जहां से पता चला कि कोई कॉल नहीं किया गया है.

दरोगा विजय सिंह द्वारा शुक्रवार को डीआईजी के यहां दिए प्रार्थनापत्र पर ताजगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. देर रात पुलिस ने छापा मार शैलेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार कर फ्लैट की तलाशी ली. वहां से सचिवालय के पास और अन्य कागजात बरामद हुए. सदर इलाके के सीओ असीम चौधरी ने बताया सपा नेता शैलेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

हत्यारोपी है यह सपा नेता
शैलेंद्र को दस वर्ष पूर्व न्यू आगरा से एक आयकर अधिकारी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसकी ह्त्या कर उसका शव फीरोजाबाद में फेंका गया था.

क्या है कॉल स्पूफिंग
स्पूफिंग वह तकनीक है जिसके द्वारा किसी के भी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके किसी भी अन्य मोबाइल पर कॉल की जा सकती है या मेंसेज भेजा जा सकता है। इस तकनीक में दोनों पक्ष यानि कि जिसका नंबर प्रयोग किया जा रहा हो वह और जिसे कॉल या मैसेज किया गया हो, वह इससे अनजान रहते हैं कि कॉल या मेसेज भेजने वाला आखिर है कौन।

(तहलका न्यूज़)

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: