/एनडीटीवी इंडिया के एम अतहरउद्दीन मुन्ने भारती बेस्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर 2015 सम्मान से सम्मानित..

एनडीटीवी इंडिया के एम अतहरउद्दीन मुन्ने भारती बेस्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर 2015 सम्मान से सम्मानित..

pनई दिल्ली- एनडीटीवी इंडिया के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एवं सोशल वर्कर एम अतहरउद्दीन मुन्ने भारती को 2015 का बेस्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर का सम्मान से सम्मानित किया गया , कार्येक्रम का आयोजन इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ( ईएमवा) की ओर से नई दिल्ली के रफ़ी मार्ग स्थित मावलंकर सभागार में किया गया , कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में  केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा,  राष्ट्रीय पिछड़ावर्ग आयोग सदस्य डॉक्टर शकीलुज़ जमा अंसारी , दिल्ली पुलिस की स्पेशल सीपी विमला मेहरा, सांसद उदित राज, पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी कुणाल , दिल्ली सरकार के संसदीय सचिव नितिन त्यागी ने शिरकत की ! सभा का संचालन संस्था के अध्यक्ष राजीव निशाना , महासचिव शकील  ने किया !IMG-20150503-WA0031

IMG-20150503-WA0032२२ सालो से पत्रकारिता के साथ समाजसेवा कार्य में सक्रिय मुन्ने भारती को इस सम्मान से पहले  29 अक्टूबर 1989  को नई दिल्ली स्थित रुसी दूतावास में रेडियो मास्को ( ऍफ़सी) एवार्ड, 1995 में उत्तर प्रदेश अमन कमेटी द्वारा स्वामी विवेकानंद शांति एवं सद्भाव सम्मान , 30 नवम्बर 1996  को सहारनपुर ( यूपी) में रेडियो मास्को फ्रेंड्स क्लब द्वारा द्वित्तीय सद्भावना समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या सम्मान, 2005  में अखिल भारतीय लेखक मंच द्वारा पत्रकार प्रभाकर पुरस्कार, 2008 में सेंट्रल यूनानी तिब्बी बोर्ड द्वारा हाकिम अजमल खान मीडिया एवार्ड, आल जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा  परम श्री-2010  सम्मान, दिल्ली पुलिस द्वारा बेस्ट सोशल वर्कर 2013 सम्मान से भी सम्मानित किया  जा चुका है !  श्री भारती को सम्मानित किये जाने पर दिल्ली, यूपी, बिहार सहित पूरे देश से पत्रकारों सहित सोशल वर्करों ने बधाई दी है,

एम अतहरउद्दीन मुन्ने भारती
00987366262

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.