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खुटार में पत्रकारों ने फूंका मंत्री राममूर्ति का पुतला..

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राममूर्ति को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने की मांग की.. राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री व भारतीय प्रेस परिषद को भेजा ज्ञापन.. सच्चाई लिखने वाले पत्रकारों पर हमले करा रहे राममूर्ति..

शाहजहांपुर। पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री व ददरौल विधायक राममूर्ति सिंह वर्मा द्वारा सत्ता के नशे में किए जा रहे गरीबों के उत्पीड़न व गुंडई से उकताए खुटार के पत्रकारों ने बुधवार को जुलूस निकाल कर राममूर्ति का पुतला फूंक दिया। इससे पहले पत्रकारों ने बीडीओ की अनुपस्थित में ब्लाक के प्रधान लिपिक को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। राममूर्ति सिंह को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की मांग वाले इस ज्ञापन की प्रति मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, प्रधानमंत्री व भारतीय प्रेस परिषद को भी भेजी गई हैं।Khutar effigy of the journalists blew minister Ramamurthy
पत्रकार आज खुटार ब्लाक कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। बीडीओ अनुज सक्सेना अनुपस्थित थे, जिस पर पत्रकारों ने राष्ट्रपति को संबोधत ज्ञापन प्रधान लिपिक जगन्नाथ प्रसाद को दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री व ददरौल विधायक राममूर्ति सिंह वर्मा द्वारा गरीबों व मजलूमों का उत्पीड़न कर उनकी जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। बेकसूरों को पुलिस पर दबाव बनाकर झूठे मुकदमों में जेल भेजा जा रहा है। इनके क्रिया कलापों को स्वतंत्र पत्रकार जगेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया व समाचार पत्रों के माध्यम से उजागर किया तो राममूर्ति सिंह ने उन पर अपने गुर्गों से जानलेवा हमला कराया। थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने मंत्री के दबाव में हमलावरों को अरेस्ट नहीं किया। पैर टूटने के कारण पत्रकार जगेंद्र सिंह चलने फिरने से लाचार हैं। बौखलाए राज्यमंत्री राममूर्ति पत्रकार जगेंद्र सिंह समेत उनके कई साथी पत्रकारों को पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाकर अपहरण, लूट आदि संगीन धाराओं में जेल भेजने का षड़यंत्र कर रहे हैं। इसी तरह खुटार के पत्रकार विमलेश गुप्ता पर भी एक सपा नेता ने सत्ता का दबाव बनाकर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया इसे वापस लिया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि ऐसे मंत्री को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए, जिससे लोकतंत्र के चैथे स्तंभ की रक्षा हो सके। ज्ञापन देने के बाद पत्रकार ब्लाक से राममूर्ति सिंह वर्मा का पुतला लेकर जुलूस निकाल कर खुटार नगर के मुख्य चैराहे पर पहुंचे। इस बीच पत्रकारों ने राममूर्ति सिंह मुर्दाबाद व राममूर्ति को बर्खास्त करो के नारे लगाए। चैराहे पर पत्रकारों ने राममूर्ति सिंह का पुतला दहन कर दिया।
पुतला फूंकने वालों में पत्रकार विमलेश गुप्ता, साहब शर्मा, राजेश देवल, नरेंद्र मिश्रा उर्फ लल्ला पंडित, धीरज सिंह, अवनीश मिश्र, घनश्याम गुप्ता, मनोज गुप्ता, देवेश गुप्ता, अवनीश गुप्ता, गुंजन गुप्ता, विजय गुप्ता, जयकिशन गुप्ता, उदित नारायन शर्मा, सचिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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