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बाड़मेर का बहुचर्चित सीडी प्रकरण: महावीर जैन की निगरानी याचिका पर विधायक को नोटिस..

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बाड़मेर, 26 मई। यहां के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीदत्त किराडू ने महावीर जैन की ओर से दायर दाण्डिक निगरानी याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन एवं राज्य सरकार को नोटिस जारी किए हैं। इस याचिका पर सुनवाई बाद न्यायाधीश ने अधिनस्थ न्यायालय मे महावीर जैन के विरुद्ध चल रहे सीडी प्रकरण के मामले की कार्यवाही पर भी रोक लगा दी है। न्यायालय मे जैन की ओर से वकील सज्जनसिंह भाटी ने पैरवी की।mewaram jain

यह थी निगरानी याचिका
विधायक मेवाराम जैन ने महावीर जैन वगैरा के विरुद्ध बहुचर्चित सीडी प्रकरण की खबर छापने पर भादस की धारा 384, 385 एवं 500 आईपीसी के तहत सिटी कोतवाली मे मामला दर्ज करवाया था। राजस्थान हाईकोर्ट ने महावीर जैन की याचिका पर सुनवाई बाद धारा 384 को निरस्त कर दिया था। शेष बची धारा 385 एवं 500 के तहत अधिनस्थ न्यायालय द्वारा प्रसंज्ञान लिये जाने के विरोध मे महावीर जैन ने सत्र न्यायालय मे दाण्डिक निगरानी याचिका पेश की थी। मंगलवार को एडीजे बाड़मेर ने प्राथमिक सुनवाई बाद अधिनस्थ न्यायालय मे चल रहे उक्त सीडी प्रकरण की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए रिविजन पर विधायक एवं राज्य सरकार को नोटिस जारी किए हैं। अदालत के रेकार्ड को भी तलब किया गया है।

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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