/यूपी में पत्रकार को जिन्दा जलाया, मंत्री पर आरोप..

यूपी में पत्रकार को जिन्दा जलाया, मंत्री पर आरोप..

उत्तर प्रदेश में एक मंत्री पर पत्रकार को जिंदा जलाने का आरोप है। दरअसल यह आरोप खुद पत्रकार ने लगाया, जो 60 फीसदी तक जल चुका है। दरअसल उसे यह सजा मंत्री के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर मिली है। फिलहाल पत्रकार लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती है।journalist_27

उसका आरोप है कि शाहजहांपुर कोतवाली पुलिस ने उनके मकान की दीवार से कूदकर उनके ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। उधर, कोतवाल का कहना है कि एक मामले में उसके घर दबिश देने गए थे। तभी जगेंद्र ने घर के अंदर से ही गाली-गलौज शुरू कर दी। फिर पेट्रोल छिड़कर आग लगा ली। उन्होंने पुलिस कर्मियों की मदद से दीवार से कूदकर दरवाजा खोलकर जगेंद्र को बचाया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

शाहजहांपुर के रहने वाले जगेंद्र सिंह इन दिनों वह राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा के खिलाफ खबरें लिखने को लेकर चर्चा में हैं। अस्पताल में जगेन्द्र से जब आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने मुलाकात की तो जगेन्द्र ने बताया कि ये सब प्रकाश राय द्वारा राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा के इशारों पर किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी 28 अप्रैल को उनके आवास के पास उन पर जानलेवा हमला किया गया किन्तु इसमें अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मंत्री जी पर हाल में बलात्कार का आरोप लगने का जिम्मेदारी भी मुझे मानते हैं और इस बात से वे खासे नाराज हैं।

प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राममूर्ति वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने पिछड़ा वर्ग कल्याण के नाम पर लाखों-करोड़ों की कोठी अपने लिए बना ली। वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ मंत्री जी पर बलात्कार का भी संगीन आरोप है।

सोशल मीडिया में सक्रिय पत्रकार जगेंद्र सिंह का कहना है कि जब उसने फेसबुक पर मंत्री के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की तो पहले मंत्री जी ने अपने गुर्गों से उसे धमकाया, लेकिन जब इसका कोई असर नहीं दिखा तो इसके बाद मंत्री ने उस पर जानलेवा हमला भी करवाया जिसमें उसकी टांग तक टूट गई।

जगेंद्र का आरोप है कि दोपहर करीब तीन बजे कोतवाली इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय फोर्स के साथ दबिश देने उनके घर पहुंचे और दो पुलिस कर्मी दीवार फांदकर घर में घुस गए। पुलिस कर्मियों के दरवाजा खोलने पर कोतवाल भी अंदर आए। कोतवाल ने अपशब्द बोलने के साथ धमकी देते हुए कहा कि मंत्री के खिलाफ लिखते हो। इसके बाद पुलिस ने उनके ऊपर बोतल से पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

जगेंद्र की हिम्मत फिर भी नहीं टूटी। आरोप हैं कि इसके बाद राममूर्ति वर्मा के इशारे पर उस पत्रकार के खिलाफ अपहरण, हत्या और लूट के प्रयास की एफआईआर भी दर्ज हो गई।

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