Loading...
You are here:  Home  >  मीडिया  >  Current Article

मीडिया में उगाही का खेल – 2, ‘उगाही’ उद्योग बना तो पैसा भी चेक से दिया गया..

By   /  June 5, 2015  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-पदमपति शर्मा।।
अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू कहां खतम !! याद आ रहा है पुरानी फिल्म का यह गाना जो विषय से काफी जुड़ा लगता है. देखिए जो यह कहते हैं कि मैं कहां था, मीडिया की काली दुनिया भयावह हो चुकी है, तो उनको जवाब है कि मैं यहीं था ओर हूं पर जिस तरह एक्सटार्शन यानी उगाही को एक उद्योग बना दिया गया, वह हैरतअंगेज है. मैं पूछता हूं कि क्या कभी आपने पहले यह सुना था कि स्टिंग से बाहर करने की एवज में भुगतान नंबर एक यानी चेक से दिया गया ? जी हां आपरेशन जोंक में यही तो हुआ.photo
चलिए बात शुरू करते हैं ‘हरि अनंत हरा कथा अनंता’ की तर्ज पर. पिछली जुलाई में न्यूज नेशन ने आपरेशन जोंक पार्ट वन में दिखाया कि किस तरह डायगोनस्टिक लैब में मरीजों की जांच में भारी कमीशनखोरी हो रही है. मजेदार बात तो यह कि जरा सी भी समझ रखने वाला जानता है कि बिना कमीशन दिए ये सेंटर चल ही नहीं सकते. सिस्टम ही इतना ढीला ढाला है कि कोई कुछ नहीं कर सकता. सरकारी जांचों में कैसे फर्जीवाड़ा होता है,,,, तमाम खेल दिखाए गए उस शो में. कुल नौ लैब को दिखाया गया था.
चलिए यह स्टिंग तो हो गया. अब आते हैं उस बात पर कि कैसे उगाही को नंबर एक का धंधा बनाया गया. बात बीते दिसंबर की है. एक लैब के संचालक से एक महिला मिलने आती है. वह एकांत में बात करना चाहती थी. खाली होने के बात संचालक महोदय नें जब महिला की बात सुनी तो एकदम से घबरा गए. महिला ने डाक्टर साहब को बताया कि जुलाई का स्टिंग पहला था..दूसरे पार्ट में आपका डायगनोस्टिक सेंटर भी हैं. यदि आप 36 लाख रुपए दे देते हैं तो आपको स्टिंग से बाहर कर दिया जाएगा. और हां हम यह रकम चेक के माध्यम से नंबर एक में लेंगे और इसमें हमारी कंपनी अपना कमीशन काट कर शेष पैसा चैनल में बैठे ‘ऊंचे’ लोगों के पास पहुंचा देगी.
डाक्टर साहब के माथे पर पसीना आ गया जब उस महिला ने बताया कि जुलाई वाले आपरेशन में 14 सेंटर्स का स्टिंग किया गया था पर दिखाया गया सिर्फ नौ को. बाकी से सेटिंग हो गयी थी. उसने स्टिंग करने वालों में जिन तीन के नाम बताए उनमें दो न्यूज नेशन के हैं. यही नहीं महिला ने यह भी कहा कि हमारी कंपनी केवल स्टिंग से आपको बाहर ही नहीं करेगी बल्कि आपकी पाजीटिव मार्केटिंग के अलावा और भी बहुत कुछ करेगी. इस करार का हर छह महीने बाद नवीनीकरण होता रहेगा.
संचालक महोदय के तो होश ही फाख्ता हो गए. उन्होंने पुलिस में जाने का मन बनाया और रिपोर्ट लिखा दी. पुलिस को बात में दम लगा और जाल बिछाया गया……उस महिला का भी स्टिंग हुआ…कैसे ? वह महिला किस कंपनी से जुड़ी हुई है, उसका नाम क्या है और जो कुछ भी उसने दावा किया था ? वह कितना सच निकला ? इसको जानने के लिए इंतजार कीजिए कल तक का….

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 3 years ago on June 5, 2015
  • By:
  • Last Modified: June 5, 2015 @ 7:36 pm
  • Filed Under: मीडिया

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

एक जज की मौत : The Caravan की सिहरा देने वाली वह स्‍टोरी जिस पर मीडिया चुप है..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: