/‘मिस टनकपुर हाज़िर हो’ के डायरेक्टर विनोद कापड़ी को जान का खतरा..

‘मिस टनकपुर हाज़िर हो’ के डायरेक्टर विनोद कापड़ी को जान का खतरा..

राजनीति पर कटाक्ष करती फिल्म ‘मिस टनकपुर हाजिर हो’ के निर्देशक विनोद कापड़ी ने पुसिल सुरक्षा की गुहार लगाई है। कापड़ी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की खाप पंचायत से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। ‘मिस टनकपुर हाजिर हो’ का ट्रेलर लॉन्च होने के बाद दर्शकों सहित अमिताभ बच्चन, राजकुमार हिरानी जैसी फिल्मी हस्तियों ने भी इसे काफी सराहा था।miss-tanakpur

कहा जा रहा है कि फिल्म एक वास्तविक घटना पर आधारित है। फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के बारे में है, जिसे गांव के दबंग अपनी भैंस मिस टनकपुर के साथ दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसा देते हैं। गांव के दबंग खाप पंचायत से यह फरमान जारी करवाते हैं कि युवक को भैंस के साथ शादी करनी होगी। खबर है कि उत्तर प्रदेश की एक खाप पंचायत ने घोषणा की है कि विनोद कापड़ी का सिर कलम करने वाले को 51 भैंसे इनाम में दिए जाएंगे।

कापड़ी ने इस घोषणा के बाद एक बयान में कहा, ‘दरअसल मैं हैरान हूं और थोड़ा चिंतित भी हूं। जान से मारने की धमकियों से मैं हैरान हूं, लेकिन साथ ही मुझे इस बात की राहत है कि अपनी फिल्म के जरिए मैं जो दिखाना चाहता था, वह इस बयान से साबित हो गया। मैं अपने परिवार के लिए चिंतित हूं, अपने लिए नहीं।’

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.