/समझ में नहीं आ रहा है कि यह मौत है या नौटंकी..

समझ में नहीं आ रहा है कि यह मौत है या नौटंकी..

-कुमार सौवीर॥
कोई बता रहा है कि जेल में उम्रकैद काट रहे ऐयाश नेता अमरमणि त्रिपाठी की बहू सारा का कत्‍ल किया गया है, जबकि सारा का मामा सत्‍येंद्र सिंह रघुवंशी, जो प्रदेश का गृह सचिव भी है, ऐलान कर रहा है कि यह एक महज सड़क-दुर्घटना का मामला है। हैरत की बात है कि दुर्घटना के वक्‍त सारा पिछली सीट पर थी और अमनमणि कार चला रहा था। आखिर क्‍यों। पति-पत्‍नी के बीच क्‍या कलह चल रहा था। कई बार पलटी कार में सारा तो बुरी तरह कुचल गयी, जबकि अमन का बाल तक बांका नहीं हुआ।10-1436470004-amarmani-tripathi-s-son-and-daughter-in-law
हालांकि यह मौत दर्दनाक हुई है, लेकिन इसका दिलचस्‍प पहलू यह है कि अमनमणि के चाचा ने ऐलान कर इस मामले को चकरघिन्‍नी बना दिया है कि सारा और अमन के बीच पति-पत्‍नी का रिश्‍ता था ही नहीं। खैर, उधर सारा की मौत के बाद उसके पति अमनमणि को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी गोरखपुर में कई महीनों पहले हुई एक अपहरण के मामले में हुई है जिसमें अमनमणि फरार चल रहा था।
यानी कड़ी दर कड़ी।
पहले समझ लीजिए कि इन दोनों के खानदानों और उनके बीच का लफडा क्‍या है। सारा ठाकुर परिवार की बेटी है,जबकि अमन अमरमणि त्रिपाठी का बेटा है। समाजवादी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता रह चुके अमरमणि और मधुमणि पिछले लम्‍बे से एक गर्भवती कवियत्री मधुमति की हत्‍या के मामले में उम्रकैद काट रहे हैं। बताते हैं कि अमरमणि और मधुमणि ने अपने बेटे अमनमणि से साफ कहा था कि वह सारा को अपनी बहू के तौर पर मान्‍यता नहीं देगा।
दूसरी ओर ठाकुर परिवार की होने के चलते अमनमणि को भी उस परिवार में दिक्‍कत होती थी। यानी यह सारा झगड़ा-टंटा सदियों पुराने ठाकुर-बाभन का हो चुका था। सत्‍येन्‍द्र सिंह रघुवंशी का बयान इस पूरे मामले को जस का तस बहाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है जबकि अमनमणि के चाचा श्‍यामनरायण तिवारी का बयान बेहद बेचैनी पैदा करता है। उसका कहना है कि इन की शादी हुई ही नहीं थी। यानी शोले भले ही नहीं दिख पा रहे हों, लेकिन उनके भीतर की तपिश बेहिसाब है।
खासतौर पर तब, जबकि एक कार में यह दोनो मौजूद थे, लेकिन आगे-पीछे की सीट पर। एक को खरोंच तक नहीं आयी, जबकि दूसरे को असंख्‍य चोटें लगीं।
अब आखिरी बात। गोरखपुर में एक सनसनीखेज़ अपहरण का मामला था अमन पर। लेकिन वह पूरे देश-प्रदेश में फर्राटा भरता रहा था। पुलिस की हिम्‍मत तक नहीं थी कि अमनमणि पर हाथ छोड़े। कारण यह है कि सारा का मामा सत्‍येन्‍द्र कुमार रघुवंशी प्रदेश के गृह सचिव की कुर्सी पर काबिज है। जैसे ही सारा गयी, पुलिस ने मामला खोल लिया और अमन अंदर।
धन्‍य है हमारे यूपी की पुलिस, धन्‍य हैं

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