/कंपनी के अधिकारी का आरोप, बीजेपी सांसद कमीशन मांगती हैं, गाली देती हैं..

कंपनी के अधिकारी का आरोप, बीजेपी सांसद कमीशन मांगती हैं, गाली देती हैं..

बहराइच: यूपी में नेशनल हाईवे बना रही एक बड़ी कंपनी ने पुलिस से लिखित शिकायत की है कि बहराइच की बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले उनसे कमीशन मांग रही हैं जिसे ना देने पर उन्‍होंने कंपनी के अफसर के खिलाफ झूठी एफआईआर करा दी। सांसद का आरोप है कि अफसर ने उनके 150 समर्थकों के सामने उन्‍हें गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस कहती है कि ऐसा मुमकिन नहीं है कि कोई सांसद के सैकड़ों समर्थकों के सामने उसे गालियां दे।savitribai-phule-bjp-mp-650_650x488_51441736552

सावित्री बाई फुले हाईवे बनाने वालों से बेइंतहा नाराज हैं। उनका कहना है कि उनकी जांच से नाराज प्रोजेक्‍ट मैनेजर ने उन्‍हें गालियां दीं। उन्‍होंने बताया, मेरे साथ बदसलूकी भी की, अपशब्‍दों का प्रयोग भी किया, जाति सूचक गाली भी दिया।’

सांसद साहिबा से जब दोबारा पूछा गया कि क्‍या हुआ था, तब तक वह अपना पहला बयान शायद भूल चुकीं थीं, इसलिए इस बार कहा कि उसकी हिम्‍मत नहीं है कि उन्‍हें गाली दे। दोबारा पूछने पर उन्‍होंने कहा, अपशब्‍दों का ही प्रयोग किया, गाली देने की तो उसकी हिम्‍मत नहीं है।’

यूपी में बाराबंकी से बहराइच के नेपाल बॉर्डर तक 150 किलोमीटर लंबा नेशनल हाईवे बन रहा है। इसका 50 किलोमीटर हिस्सा भोपाल की एक बड़ी कंपनी बना रही है। पीडब्‍ल्‍यूडी के मुताबिक वह अब तक 45 किलोमीटर बना चुकी है। उसका काम बहुत अच्‍छा है लेकिन उसकी बदनसीबी है कि उसकी सड़क का 3 किलोमीटर हिस्‍सा सांसद सावित्री बाई फुले के इलाके में आता है।

कंपनी के प्रोजेक्‍ट मैनेजर ने पुलिस में रिपोर्ट की है, ‘सांसद कमीशन मांगती हैं, कहती हैं कि हमारे इलाके में इतना बड़ा काम कर रहे हो लेकिन हमसे मिलते नहीं, हमें डाक बंगले बुलाकार खाना खिलाने कहा। मैंने उनके और उनके 20 समर्थकों के खाने का बिल दिया। फिर सांसद ने जांच के नाम पर सड़क के बीच में गड्ढा खुदवा दिया। मैंने कहा कि सड़क खराब हो जाएगी, किनारे खोद लीजिए… तो नाराज होकर गंदी गालियां दीं और भीड़ से मरवा डालने की धमकी दी।’

प्रोजेक्‍ट मैनेजर भागवत मिश्रा ने बताया, मैडम ने दो-तीन बार हमको ये बोला कि आप इतना बड़ा काम कर रहे हैं, बाहर से आए हुए हैं और मिलने नहीं आते। हमारे क्षेत्र में काम कर रहे हैं और हम सांसद हैं, आपको पता नहीं है हम आपकी रोड उखड़वा सकते हैं।’

सांसद की शिकायत पर प्रोजेक्‍ट मैनेजर के खिलाफ एफआईआर लिख ली गई है। लेकिन पुलिस को सांसद की बात पर यकीन नहीं है।

बहराइच के सर्किल ऑफिसर अनुप कुमार ने बताया, ‘मैंने उनसे कहा था कि सही तथ्‍यों के आधार पर अभियोग दर्ज कराएं क्‍योंकि एक माननीय सांसद और इतने समर्थकों के सामन ये घटना संभव नहीं है।

इस तरह की घटनाओं से अच्‍छा काम करनेवालों का मनोबल टूटता है और सांसद और उनकी पार्टी की छवि को भी धक्‍का पहुंचता है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.