Share this on WhatsApp
Subscribe to RSS
कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

यूपी पुलिस में लैमारी और झपटमारी का ताजा चोखा धंधा बना 1090 वीमेन हेल्‍प लाइन..

जोशीली अलंकृता सिंह के नायाब प्रोजेक्‍ट को झपट लिया पुलिस के मुंहलगे अफसरों ने..
महिला सहायता सेल, यानी रंगमंच पर हवा में तलवार भांजते विदूषक की दिलचस्‍प अदायें..

-कुमार सौवीर॥
लखनऊ: दोस्‍तों, यह हादसा उस एक खुशनुमा प्रयास की दुर्गति-परिणति है, जो आज 1090 वीमेन हेल्‍प लाइन के तौर पर कुख्‍यात होता जा रहा है। तीन दिन पहले एक मेडिकल छात्रा की आत्‍महत्‍या के बाद इस हेल्‍प लाइन का चेहरा काला हो चुका है। लेकिन पहले ऐसा नहीं था। शुरूआती तौर पर उसका जिम्‍मा बेहाल महिलाओं पर होने वाले उत्‍पीड़न आदि पर त्‍वरित हस्‍तक्षेप कर उन्‍हें मजबूत कराना था। लेकिन इस सुखद कल्पनाओं को दुर्भाग्य के झंडाबरदारों ने आज तबाह कर दिया है। यह जानते-समझते भी कि यह हेल्‍प लाइन मुख्‍यमंत्री का ड्रीम-प्रोजेक्‍ट है, इसलिए उस पर समय-समय पर मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव हस्‍तक्षेप करते ही रहते हैं। कभी समीक्षा और सुझाव, तो कभी शिकायतें। वगैरह-वगैरह।

images (23)


आज इस हेल्‍प लाइन के बड़े दारोगा हैं आईजी नवनीत सिकेरा। सिकेरा का मुलायम सिंह यादव के परिवार से खासी करीबी बतायी जाती है। लेकिन हकीकत यह है कि इस यह हेल्‍प लाइन उनके प्रयासों से नहीं, बल्कि एक निहायत जोशीली और जहीन आईपीएस की सकारात्‍मक सोच का धरातली प्रयास है, जिसका नाम है अलंकृता सिंह। करीब 7-8 साल की नौकरी वाली आईपीएस अफसर अलंकृता सिंह ने ही इस योजना की रूपरेखा तैयार की थी, लेकिन इसके पहले कि वह उस पर कोई सटीक प्रयास कर सकती, वह योजना उसके हाथों से छीन ली गयी।
करीब तीन साल पहले अलंकृता सिंह सुल्‍तानपुर की पुलिस अधीक्षक थी। यह कप्‍तान के तौर पर उसकी यह पहली पोस्टिंग थी। नई-नई नौकरी थी, कर कुछ कर डालने का जज्‍बा था, और कुछ नया सोचने का माद्दा भी। इसी बीच अमेठी में अपने दौरे के दौरान अलंकृता सिंह को स्‍कूली लड़कियों के साथ हो रही अभद्र हरकतों की खबर मिली। उसने तत्‍काल मौके पर हस्‍तक्षेप किया।
इसी दौरान उसे लगा कि पुलिस द्वारा समाज में महिलाओं पर होने वाले अपराध, छेड़खानी और उत्‍पीड़न जैसे काण्‍डों पर प्रभावी हस्‍तक्षेप किया जाना चाहिए। इसलिए लिए उसने बाकायदा एक गम्‍भीर स्‍टडी शुरू की, कई समाजविज्ञानियों, शिक्षकों और पत्रकारों व समाजसेवियों से बातचीत की। इसके लिए पीडि़त महिलाओं से भी उनकी दिक्‍कतें समझने की कोशिश की। और आखिरकार सुल्‍तानपुर को ऐसी पीडि़त महिलाओं के समर्थन एक अभियान छेड़ दिया।

 

लेकिन लो भइया, हो गयी इसी बीच लैमारी और झपटमारी।
पुलिस के कुछ उच्‍चस्‍तरीय सूत्रों ने बताया है कि उसके दो-चार दिनों बाद ही यह प्रोजेक्‍ट अलंकृता के बजाय नवनीत सिकेरा के हाथों थमा दिया गया। और वे लखनऊ में ही अपना ठीहा बनाने में जुटे थे। इटावा से सिकेरा की करीबी थी ही। सो, गोटी फिट हो गयी।
जो एक महिला होने के चलते प्रोजेक्‍ट अलंकृता सिंह को महिलाओं की पीडा को देख-समझ कर उसे निपटाने की पहलकदमी के नसर्गिक प्रयास के चलते दिया जाना चाहिए, उसे अब नवनीत सिकेरा की वर्दी में टांक दिया गया। और जो प्रोजेक्‍ट सुल्‍तानपुर में पूरी सफलता के साथ संचालित किया था, उसकी सारी धज्जियां नवनीत सिकेरा आज भी बिखेर रहे हैं। तीन दिन पहले लखनऊ की एक मेडिकल छात्रा सरिता गुप्‍ता की आत्‍महत्‍या सिकेरा के इसी प्रोजेक्‍ट का एक अहम पहलू है।

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

0 comments

Add your comment

Nickname:
E-mail:
Website:
Comment:

Other articlesgo to homepage

ढोलकल की ऐतिहासिक गणेश प्रतिमा की चोरी में हो सकता है कल्लुरी का हाथ..

ढोलकल की ऐतिहासिक गणेश प्रतिमा की चोरी में हो सकता है कल्लुरी का हाथ..(0)

Share this on WhatsAppसरकारी हेलीकॉप्टर के दुरूपयोग की आशंका.. -कमल शुक्ला॥ ढोलकल की ऐतिहासिक नागकालीन गणेश जी की मूर्ति के चोरी होने की खबर है । इस मामले में बस्तर पुलिस के कुख्यात अधिकारी कल्लुरी की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है । ढोलकल के आस-पास के कई गांवों के ग्रामीणों ने पत्रकारों को बताया

हे धनुर्धर अर्जुन, तुम शिखंडी नहीं हो..

हे धनुर्धर अर्जुन, तुम शिखंडी नहीं हो..(0)

Share this on WhatsApp-त्रिभुवन॥ झीलों की इस नगरी उदयपुर में कुछ लालची मुनाफाखोर आए दिन निर्दोष लोगों के जीवन को संकट में डालकर उनके चेहरों पर आंसुओं की झीलें बनाते रहते हैं। पूरा प्रशासनिक अमला असहाय होकर देखता रहता है। थोड़ी कानूनी कार्रवाई होती है और फिर इसे भुलाकर हम सब अगली दुर्घटना का इंतजार

सीवान, शहाबुद्दीन और एक हताश पिता का संघर्ष..

सीवान, शहाबुद्दीन और एक हताश पिता का संघर्ष..(0)

Share this on WhatsApp90 के दशक की शुरुआत में सीवान की एक नई पहचान बनी.वजह बाहुबली नेता शहाबुद्दीन थे.. वे अपराध की दुनिया से राजनीति में आए थे. 1987 में पहली बार विधायक बने और लगभग उसी समय जमशेदपुर में हुए एक तिहरे हत्याकांड से उनका नाम अपराध की दुनिया में मजबूती से उछला.. जेएनयू

शहाबुद्दीन जेल से रिहा, 1300 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान रवाना..

शहाबुद्दीन जेल से रिहा, 1300 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान रवाना..(0)

Share this on WhatsAppबिहार के बाहुबली आरजेडी नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार को जेल से रिहा हो गया. सीवान के चर्चित तेजाब कांड में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार सुबह वह जेल से रिहा हुए. शहाबुद्दीन को कुछ दिनों पहले पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के आरोपों में घिरने के बाद सीवान से

एक थी डेल्टा..

एक थी डेल्टा..(0)

Share this on WhatsApp-भंवर मेघवंशी|| भारत पाकिस्तान की सीमा पर बसे गाँव त्रिमोही की बेटी डेल्टा ,जो इस रेगिस्तानी गाँव की पहली बेटी थी जिसने बारहवीं पास करके रीति रिवाजों में जकड़े समाज की सीमा का उल्लघंन किया था ,उच्च शिक्षा के लिए बाहर गयी .उसके मन में कईं सपने थे ,जिन्हें वो साकार करना

read more

मीडिया दरबार एंड्राइड एप्प

मीडिया दरबार की एंड्राइड एप्प अपने एंड्राइड फ़ोन पर इंस्टाल करें.. Click Here To Install On Your Phone

Contacts and information

मीडिया दरबार - जहाँ लगता है दरबार. आप ही राजा हैं इस दरबार के और कटघरे में है मीडिया. हम तो मात्र एक मंच हैं और मीडिया पर अपनी निगाह जमायें हैं, जहाँ भी मीडिया में कुछ गलत होता दिखाई देता है उसे हम आपके सामने रख देते हैं और चलाते हैं मुकद्दमा. जिसपर सुनवाई करते हैं आप, जहाँ न्याय करते हैं आप. जी हाँ, यह एक अलग किस्म का दरबार है. मीडिया दरबार...

Social networks

Most popular categories

© 2014 All rights reserved.
%d bloggers like this: