/रामदेव ने संतों की मौजूदगी में त्यागा अनशन

रामदेव ने संतों की मौजूदगी में त्यागा अनशन

बाबा रामदेव ने आज अपना नौ दिन से चल रहा अनशन तोड़ दिया है। आज उन्हें मनाने के लिए श्री श्री रविशंकर, कृपालु महाराज और मुरारी बापू अस्पताल गए। वहां उन्होंने बाबा से बात की, जिसके बाद से अनशन तोड़ने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने श्री श्री के हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा। आचार्य बालकृष्ण ने भी अपना आंदोलन तोड़ दिया है। श्री श्री रविशंकर ने बाद में बताया कि बाबा की विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। बाबा अभी -दो दिन और अस्पताल में रहेंगे।

बाबा के आंदोलन खत्म करने की घोषणा श्री श्री रविशंकर ने की। अनशन खत्म करने के बाद आचार्य बालकृष्ण ने अपने समर्थकों से भी अपील की कि वे अनशन खत्म कर दें। उन्होंने कहा कि बाबा ने इस संकल्प के साथ अनशन तोड़ा है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि रामदेव का अनशन किसी पार्टी के खिलाफ नहीं बल्कि मुद्दों को लेकर था। उन्होंने कहा कि आंदोलन का मकसद देश को भ्रष्टाचार के विरोध में जगाना था औऱ हम इसमें सफल हुए हैं। आचार्य बालकृष्ण के साथ बैठे उनके गुरु ने माना कि जिस तरह चक्का जाम में फंसी गाड़ी को कुछ पीछे हटना पड़ता है, उसी तरह बाबा भी पीछे हटे हैं। लेकिन यह रणनीति के तहत है और बाबा का आंदोलन जारी है।  उन्होंने कहा कि आंदोलन का पहला चरण पूरी तरह सफल रहा है।

बाबा के अनशन खत्म करने के वक्त जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी मौजूद थे। बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे काला धन और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में पूरी तरह बाबा रामदेव के साथ हैं।

उनके अनशन का आज नौवां दिन था। डॉक्टरों ने आज सुबह बाबा के हैल्थ बुलेटिन में कहा कि उनके शरीर में प्रोटीन की कमी आ गई है और अब उनका ठोस आहार लेना निहायत जरूरी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर उन्हें जबरन नहीं खिला सकते, लेकिन इस बारे में विस्तार से एक रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है।

डॉक्टरों ने कहा कि  उनका ब्लड प्रेशर १०९/७१ है। यह अभी भी अस्थिर है और डॉक्टर इसे नियंत्रित करने के प्रयास में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के खून में विटामिन की सख्त कमी है। उन्हें सलाइन के साथ, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स दिए जा रहे हैं।

इसके पहले आज सुबह पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी बाबा रामदेव से अनशन खत्म करने की अपील की थी। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और हरियाणा के नेता ओम प्रकाश चौटाला भी बाबा से मिले और उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। बाबा को शुक्रवार को देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.