Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

ठगतंत्र के बीच हांफती हिमाचल की जनता..

By   /  November 2, 2017  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-अखिलेश अखिल||

गुजरात तो बाद में पहले हिमाचल प्रदेश को लेकर ही चर्चा कर ली जाय। इसी महीने इस प्रदेश में चुनाव जो होने हैं। सभी राजनीतिक दलों या यूँ कहिये कि गिरोहबाजों ने अपने अपने हिसाब से एक दूसरे के खिलाफ मैदान में नेता रूपी ठगों को उतार दिया है। मैदान में ठग रूपी नेता युद्ध कर रहे हैं और बाहर से उन नेताओं के आका पार्टी की संस्कृति ,सेक्युलरवाद ,हिन्दुवाद ,जाति और धर्म की राजनीति से जनमानस को भ्रमित कर रहे हैं। कौन कितने पानी में हैं और कितना महान है इसकी जांच करने की शक्ति किसी भी गिरोह के पास नहीं है। लेकिन चुकी लोकतंत्र में चुनाव होने हैं और एक दूसरे को पटकनी देकर सरकार बनानी है इसलिए वोट की राजनीति से बचा भी नहीं जा सकता।

लेकिन हिमाचल के चुनाव का सच क्या है ? यही ना कि एक भ्रष्ट दूसरे भ्रष्ट को ललकार रहा है। एक दगाबाज दूसरे दगाबाज को गरिया रहा है। एक ठग दूसरे ठग को भरमा रहा है। सबकी बोली एक ही है। ‘हमको वोट दो राज्य को स्वर्ग बना देंगे। मंदिर बना देंगे। हिन्दू राष्ट्र बना देंगे और सबको रोजगार और काम दे देंगे। ‘ इससे बड़ा झूठ और क्या होगा ? जिन राज्यों में इन गिरोहबाजों की सरकार है या इसी हिमाचल में जिस कांग्रेस की सरकार है क्या उसने अभी तक ये काम किया जिसकी बातें वह करती फिर रही है ? क्या बीजेपी शाषित राज्यों में जनता की उम्मीदों पर वहाँ की सरकार खड़ी उत्तरी है ? नहीं और हरगिज नहीं। कभी उतरेगी भी नहीं। जब मोदी जी अपने वादों से उलट गए तब कहने के लिए बचता क्या है ?

और खेल देखिये कि कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार है वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह। इनका पूरा परिवार भ्रष्टाचार मामले के जद में है। कई मुक़दमे चल रहे हैं। उधर बीजेपी के सीएम उम्मीदवार बने हैं धूमल साहब। इनके बारे में क्या कहने ! पूरा परिवार जांच के घेरे में हैं। बाकी नेता रूपी जीव को कौन मानता है ? अभी उम्मीदवारी दाखिले के बाद जो तालिका सामने सामने आयी है उसके मुताविक 64 से ज्यादा उम्मीदवार दागी के रूप में चिन्हित किये गए हैं। 16 उम्मीदवार तो ऐसे हैं जिनपर हत्या करने और हत्या के प्रयास के आरोप हैं। ये आरोपी जीव सभी गिरोह से आते हैं। इसमें कांग्रेस भी है और बीजेपी भी। बाकी दालों की क्या विसात ? और करोड़पतियों की बात मत पूछिए। पता चला कि सबसे बड़े करोड़पति उम्मीदवार बीजेपी की तरफ से मैदान में उतरे हैं। खबर के मुताविक इस चुनाव में ज्यादातर उम्मीदवार करोड़पति ही हैं। बेचारी जनता यह नहीं पूछ पाती कि इनके करोड़पति बनने की कहानी क्या है ? मंत्र क्या हैं ? कोई बताएगा भी नहीं। ठग और गिरोहबाज कभी अपनी असलियत जनता के सामने नहीं रखते।

और लोकतंत्र के क्या कहने ! यह भीड़तंत्र है या लोकतंत्र आज तक समझ में नहीं आया। कहने ले लिए लोकतंत्र और दिखता है लूटतंत्र और ठगतंत्र। हिमाचल की जनता के सामने दो ठगों के बीच भिड़ंत है। जिसकी माया जितनी फैलेगी ,जीत उसी की होगी लेकिन लोकतंत्र हार जाएगा। लोभ ,भय ,जाति ,पैसा ,जान पहचान ,धर्म ,राष्ट्र के नाम बंटी जनता अपना वोट तो डालेगी ही।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 3 weeks ago on November 2, 2017
  • By:
  • Last Modified: November 2, 2017 @ 7:15 pm
  • Filed Under: राजनीति

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पाकिस्‍तान ने नहीं किया लेकिन भाजपा ने कर दिखाया..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: