Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

संदीप वर्मा बने लखनऊ कांग्रेस बौद्धिक प्रकोष्ठ के मुखिया..

By   /  February 7, 2018  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

संदीप वर्मा, एक ऐसा व्यक्ति जो स्व वी पी सिंह जी का फोटो न केवल अपने प्रोफाइल में इस्तेमाल करते हैं अपितु अपना आदर्श मानते हैं। इस वजह से न केवल प्रतिक्रियावादी तत्व इनकी आलोचना करते हैं बल्कि घृणा के स्तर तक असहमत रहते हैं। ऐसे व्यक्ति को भारत के सबसे ज्यादा भूभाग में फैली कांग्रेस जैसी पार्टी का राजधानी नगर का बौद्धिक प्रकोष्ठ का मुखिया बनाना एक साथ कई संदेश व संभावना समेटे हुए है।

पहली बात तो यह है कि कांग्रेस नेतृत्व समाज के बीच में सक्रिय साधारण शक्तियों को महत्व देने को तत्पर है, दूसरे अपने सबसे बड़े शत्रु को आदर्श मनाने वाले को गले लगाने को सहमत है।संदेश साफ है कि जो भी समाजवाद,धर्मनिरपेक्षता व लोकतंत्र में आस्था रखता है, उसके पक्ष में लड़ने को तैयार है ,कांग्रेस उसके स्वागत को तैयार है।संदीप जी को बहुत-बहुत बधाई कि सोशल मीडिया में जब हर तरफ जहर फैलाया जा रहा है तब पूरी दृढ़ता के साथ सत्य के पक्ष में खड़े हैं। आगे भी यह जज्बा बना रहेगा क्योंकि राजनीति इनका साध्य नहीं केवल साधन है।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You might also like...

क्या कांग्रेस मुग़ल साम्राज्य का अंतिम अध्याय और राहुल गांधी बहादुर शाह ज़फ़र के ताज़ा संस्करण हैं?

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: