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तुम अपोजिशन और पोजीशन वाले अब राजनीति नहीं, कुछ और करो..

By   /  December 6, 2019  /  No Comments

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-विष्णु नागर।।

खबर है कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक का कल तक विरोध करनेवाली जदयू, बीजू जनता दल, वाईएसआरपी और अब सेक्युलर की गंगा में स्नान कर पवित्र हो चुकी शिवसेना इस विधेयक का राज्यसभा में साथ देगी। उधर कांग्रेस, आप,तृणमूल कांग्रेस आदि अभी चुप हैं। सीताराम येचुरी और असम के कुछ विपक्षी दल इसके खिलाफ बोले हैं,इसे असंवैधानिक बताया है।।238 सदस्यों के उच्च सदन में 122 यानी बहुमत का समर्थन भाजपा को हासिल हो चुका है।बाकी और भी मैनेज हो जाएगा।

तुम सब भाजपा में अपने दलों का विलय क्यों नहीं कर लेते और अयोध्या में मंदिर बनाने के काम में क्यों नहीं लग जाते? वहाँ भजन करना। न तुमसे कश्मीर से धारा 370 हटाने का, न मंदिर बनाने का,न नागरिकता कानून का विरोध हो पाता है तो जबान काटकर जेब में रख लो और भाजपा जब भजन करे तो ताली बजाओ। भारत का विपक्ष कभी इतना गया बीता नहीं रहा। जो सरासर असंवैधानिक है,उसका समर्थन करके तुम उम्मीद करते हो कि सुप्रीम कोर्ट देश के संविधान की रक्षा करने आएगी? यह तुम्हारा काम है पहले, फिर उसका। दम दिखाओ। भाजपा के शरणागत मत होओ।

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  • Published: 2 months ago on December 6, 2019
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  • Last Modified: December 6, 2019 @ 7:52 pm
  • Filed Under: राजनीति

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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