Loading...
You are here:  Home  >  दुनियां  >  देश  >  Current Article

बिल के विरोध में आंदोलन से पहले ही हिरासत में लिए गए पूर्व IAS कन्नन गोपीनाथन..

By   /  December 14, 2019  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-प्रियांशु।।

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम का विरोध करने के लिए लोगों कल यानी 13 दिसंबर को एक बड़े समूह को बॉम्बे के मरीन ड्राइव पर पहुंचना था। हालांकि, विरोध प्रदर्शन शुरू होने का समय शाम 7 बजे से था लेकिन उससे पहले ही मुंबई पुलिस ने पूर्व आईएएस कन्नन गोपीनाथन सहित उनके साथ मौजूद तमाम प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

कन्नन गोपीनाथन, फिरोज मिथिबोरवाला (भारत बचाओ आंदोलन), फहद अहमद (टीआईएसएस), अमोल मैडम (अखिल भारतीय परिवार), नसीरुल हक (ऑल इंडिया तन्ज़ीम ई इंसाफ़), एमए खालिद (ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल), और फैसल खान (एक्टिविस्ट) सहित अन्य लोगों की गिरफ़्तारी की खबर जब प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा लोगों ने सुनी तो वे पुलिस स्टेशन पहुंचे। हालांकि उन्होंने कोई नारेबाजी नहीं की, छात्रों ने तख्तियां ले रखी थीं और पूर्व आईएएस के साथ तमाम बंदी आंदोलनकारियों के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। डेढ़ घंटे से अधिक की हिरासत के बाद, कन्नन गोपीनाथन और अन्य आंदोलनकारियों को पुलिस ने छोड़ दिया।

वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों में असम के कुछ छात्र भी थे, जो राज्य नवगठित नागरिकता (संशोधन) अधिनियम पर हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे है। छात्रों ने बताया कि उनके लिए अपने परिवारों से संपर्क करना बहुत मुश्किल हो गया है और इसके साथ ही बिल पास होने के बाद राज्य की स्थिति “बहुत डरावनी” हो गई है। इसके साथ ही छात्रों ने आगे जोड़ते हुए कहा कि यह अधिनियम भारत के संविधान में उल्लिखित धर्मनिरपेक्षता के आधार का उल्लंघन करता है।

जबकि मीडिया से बात करते हुए, कन्नन गोपीनाथन ने कहा, “हम केवल इस बात का विरोध करते हुए इशारा कर रहे थे कि NRC और CAB असंवैधानिक हैं क्योंकि यह अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता हैं। हम पुलिस को बस इतना दिखा रहे थे कि संविधान के अनुच्छेद 19 में हमें बिना हथियार के शांतिपूर्वक विरोध करने की पूरी अनुमति है लेकिन मुंबई पुलिस ने हमें मरीन ड्राइव पर पहुंचने तक नहीं दिया। ”
उन्होंने कहा, “पुलिस ने हमें धारा 149 के तहत नोटिस दिया है, लेकिन हम शांतिपूर्ण विरोध करके किसी कानून का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं।”

आपको बता दें कि लगभग 46 लोगों को मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था,लेकिन केवल कन्नन गोपीनाथन, मिथिबोरमाला सहित तीन लोगों को ही नोटिस दिया गया था। नोटिस में उनसे आगे विरोध नहीं करने के लिए कहा गया है। इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता अधिनियम और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरआई) के खिलाफ अधिक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

नोटिस पर, कन्नन गोपीनाथन ने कहा, “जब आप पुलिस से अनुमति लेते हैं और फिर विरोध करते हैं तो यह एक कॉन्सर्ट बन जाता है। हम यहां कॉन्सर्ट करने के लिए नहीं आए थे इसीलिए हम विरोध जारी रखेंगे। राजभवन में विरोध प्रदर्शन होगा। 19 दिसंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। मैं विरोध जारी रखूंगा क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरा बच्चा नफरत से भरे देश में रहे। मैं इस देश को उसके लिए एक अच्छा देश बनाना चाहता हूं। मैं यदि अभी नहीं बोलूंगा तो वह मुझसे पूछेगा कि मैंने उसके लिए ऐसा देश क्यों छोड़ा है।”

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 2 months ago on December 14, 2019
  • By:
  • Last Modified: December 14, 2019 @ 7:25 pm
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You might also like...

केंद्र सरकार के दावे खुद उड़ा रहे खुद का मखौल..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
WhatsApp chat
%d bloggers like this: