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मैं “राहुल गांधी” हूं, “राहुल सावरकर” नहीं ! सच बोलने के लिए कभी माफ़ी नहीं मांगूंगा..

By   /  December 14, 2019  /  No Comments

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-प्रियांशु।।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वह ” मर जाएंगे लेकिन सच बोलने के लिए कभी माफी नहीं मांगेंगे ” क्योंकि वह एक “गांधी” हैं और “सावरकर” नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सहायक अमित शाह को देश की अर्थ्यवस्था को ध्वस्त करने का जिम्मेदार बताते हुए देश से माफी मांगने के लिए कहा है।

नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की मेगा “भारत बचाओ रैली” को संबोधित करते हुए, उन्होंने भाजपा से अपनी “रेप इन इंडिया” वाली टिप्पणी के लिए माफी मांगने वाले बातों पर कटाक्ष करते हुए कहा, “भाजपा ने मुझसे माफी मांगने के लिए कहा। मेरा नाम “राहुल सावरकर” नहीं है, “राहुल गांधी” है और मैं सच बोलने के लिए कभी माफी नहीं मांगूंगा। ”

उन्होंने आगे कहा “मैं मर जाऊंगा, लेकिन मैं सच बोलने के लिए माफी नहीं मांगूंगा और न ही कोई कांग्रेसी ऐसा करेगा। यह नरेंद्र मोदी और उनके सहायक अमित शाह हैं, जिन्हें भारत की अर्थव्यवस्था को नष्ट करने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। ”

इसके साथ ही उन्होंने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, ” मैं यूपीए सरकार की मीडिया की आलोचना को स्वीकार करता हूं और इसका सम्मान भी करता हूं क्योंकि आपने सही काम किया है लेकिन आज आप अपना काम भूल गए हैं।

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  • Published: 2 months ago on December 14, 2019
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  • Last Modified: December 14, 2019 @ 8:56 pm
  • Filed Under: राजनीति

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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