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केजरीवाल भी नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल..

By   /  December 15, 2019  /  No Comments

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-प्रियांशु।।
दिल्ली के अरविंद केजरीवाल अब उन मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल हो गए है जिन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 का खुलकर विरोध किया हैं। केजरीवाल ने आईएएनएस को बताया कि उनकी पार्टी ने संसद में इस विधेयक का पुरजोर विरोध किया, और यह तब तक विरोध जारी रहेगा, जब तक कि यह पूर्ण रूप से पारित नहीं हो जाता।

वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि विधेयक ने संविधान का उल्लंघन किया है, और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा था, “मैं इस विधेयक का विरोध कर रहा हूं क्योंकि यह बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के खिलाफ है। यह संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ है। यह महात्मा गांधी और भगत सिंह के सपनों के भारत के खिलाफ है।”

केजरीवाल अकेले नहीं हैं, बल्कि कई विपक्षी मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि वे नागरिक संशोधन कानून का विरोध कर रहे है। अब तक, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, केरल के पिनारयी विजयन, पंजाब के अमरिंदर सिंह, मध्य प्रदेश के कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल ने कहा है कि वे “नागरिक संशोधन कानून” को अपने राज्यों में लागू नहीं होने देंगे।

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  • Published: 1 month ago on December 15, 2019
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  • Last Modified: December 15, 2019 @ 9:12 am
  • Filed Under: राजनीति

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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