Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

प्रधानमंत्री झूठ भी बोलते हैं तो पूरे आत्मविश्वास के साथ..

By   /  December 22, 2019  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

एक कहावत है कि यदि झूठ पूरे विश्वास के साथ बोला जाये तो लोग उस झूठ को सच मान लेते हैं. हमारे नेतागण भी इस कहावत का उपयोग अक्सर करते आयें हैं, लेकिन लगता है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कहावत को चरित्रार्थ करने में सिद्धि हासिल हैं. वे जब भी झूठ बोलते हैं तो कुछ इस अंदाज़ में बोलते हैं कि उनके समर्थक ही नहीं बल्कि देश की भोली भाली जनता बड़ी आसानी से सफेद झूठ को सच मान लेती है. आज तो प्रधानमंत्री ने लालकिला स्थित रामलीला मैदान में भाषण देते हुए सारी हदें पार कर दी जब उन्होंने हमलावर अंदाज़ में विपक्ष पर झूठ फ़ैलाने के कई आरोप लगाये. और उनमें से एक आरोप यह भी लगाया कि देश में कहीं डिटेंशन सेंटर नहीं है लेकिन विपक्ष झूठ बोलकर जनता को भड़का रहा है कि आसाम में एनआरसी से बाहर हो गए लोगों को रखने के लिए डिटेंशन सेंटर बना रहा है.

जबकि सच्चाई यह है कि आसाम में कई डिटेंशन सेंटर बनाये गए है और इसकी पुष्टि इनके निर्माण में लगे कई इंजीनीयर कर चुके हैं. सितम्बर में गोपालपाड़ा से ANI ने एक रिपोर्ट की थी जिसमें डिटेंशन सेंटर परियोजना का विस्तार से वर्णन किया गया था.
हम वह रिपोर्ट आपके सामने जस की तस रख रहे हैं ताकि आप सच्चाई से वाकिफ हो सकें.

गोपालपाड़ा, एएनआई। २४ सितम्बर २०१९ असम में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस यानि एनआरसी (NRC) सूची से 19 लाख से अधिक लोगों को बाहर रखा गया है। हालांकि, उन्‍हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कई मौके मिलेंगे। लेकिन जो लोग सूची से बाहर होंगे यानि जो विदेशी नागरिक होंगे, उन लोगों को रखने के लिए असम के गोलपाड़ा में सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर(कैंप) बनाया जा रहा है। इसका काम इनदिनों तेजी से चल रहा है। असम में गोलपाड़ा जिले के पश्चिम मटिया क्षेत्र में भारत के पहले डिटेंशन सेंटर(कैंप) में निर्माण कार्य जोरों पर है।
इस डिटेंशन सेंटर(कैंप) का निर्माण करीब 46 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

डिटेंशन सेंटर में होंगी यह सुविधाएं:
जूनियर इंजीनियर राबिन दास ने एएनआइ को बताया, ‘इस परियोजना पर काम दिसंबर 2018 में शुरू हुआ, हमारा लक्ष्य दिसंबर 2019 तक इसे पूरा करना है।

इसकी लागत लगभग 46 करोड़ रुपये होगी। यह 15 चार-मंजिला इमारतों में से 13 पुरुषों और 2 महिलाओं के लिए बनाई जा रही हैं।’ दास ने यह भी कहा कि केंद्र में अलग शौचालय, अस्पताल, रसोई, भोजन क्षेत्र, मनोरंजन क्षेत्र और एक स्कूल होगा।
इस डिटेंशन सेंटर(कैंप) का निर्माण 2 लाख 88 हजार वर्ग फीट के क्षेत्र में किया जा रहा है। इसमें सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के लिए अलग आवासीय सुविधाएं होंगी।उन्होंने कहा, ‘अधिकारी और ग्रेड 4 के कर्मचारियों के लिए इमारतें होंगी। इसमें 2 सुरक्षा बैरक होंगे। पानी की व्यवस्था में 50,000 लीटर की क्षमता होगी।’

बता दें, बीते 31 अगस्‍त 2019 को जारी एनआरसी की अंतिम सूची में 19 लाख से अधिक लोगों का नाम बाहर था। बाहर रखे गए लोगों को 120 दिन के भीतर असम में स्‍थापित 300 फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल में आवेदन करने का मौका दिया गया है। NRC सूची का उद्देश्य असम में रह रहे उन नागरिकों को अलग करना है, जिन्होंने बांग्लादेश से अवैध रूप से राज्य में प्रवेश किया था।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You might also like...

भाजपा के प्रचारकों का जवाब नहीं..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
WhatsApp chat
%d bloggers like this: