/न्यूज़ 24 और P-7 समेत दर्जन भर चैनल पकड़े गए अश्लीलता परोसते हुए, I&B ने थमाया नोटिस

न्यूज़ 24 और P-7 समेत दर्जन भर चैनल पकड़े गए अश्लीलता परोसते हुए, I&B ने थमाया नोटिस

  • एनडीटीवी गुड टाइम्स का शो अश्लीलता की सीमा के पार
  •  कलर्स, सोनी और डीडी नैशनल भी पाए गए दोषी
  • यूटीवी बिंदास का शो ‘स्कूल ऑफ फ्लर्ट’ भोंडा
  • इमैजिन के ‘ऐसो वर ढूंढो’ पर भी होगी कार्रवाई 
उत्तेजक: एनडीटीवी गुड टाइम्स के शो की एंकर साराह जायने

न्यूज चैनल के लाइसेंस पर घरेलू सीरियल, फिल्मों के दृश्य और रियलिटी शो दिखाने वाले तथा मनोरंजन चैनल पर क्राइम शो और स्त्रियों का असम्मानजनक चित्रण करने वाले, चीख-चिल्लाहट, गाली-गलौज, अश्लीलता और हिंसा दिखाने वाले अब सूचना और प्रसारण मंत्रालय की नजर में हैं। इन चैनलों पर सरकार सख्त हो गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पी7 न्‍यूज, न्‍यूज24, सोनी टीवी समेत लगभग एक दर्जन चैनलों को नोटिस भेजा है।

क्राइम शो के नाम पर परोसी जा रही है अश्लीलता

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जिन चैनलों को नोटिस भेजा हैं उनमें ज़ी बांग्ला, सूर्या टीवी, इटीवी मराठी, स्टार वर्ल्ड और एफएक्स चैनल का नाम भी शामिल है। सास-बहू के सीरियल, कॉमेडी शो, रियलिटी शो और यहां तक कि कार्टून चैनलों भी के कुछ संवादों और दृश्यों को लेकर दर्शकों ने आपत्ति जताई थी। मंत्रालय ने सोनी पर दिखाए जाने वाला “क्राइम पेट्रोल” और ईटीवी मराठी के “क्राइम डायरी” शो में वीभत्स हिंसा के नाट्य रूपांतरण और प्रस्तुतिकरण और एनडीटीवी गुड टाइम्स के कार्यक्रम “लाइफ’ज अ बीच” में परोसी जाने वाली अश्लीलता और फूह़ड़ता को लेकर इन चैनलों को नोटिस भेजा है।

फिल्मों की समीक्षा में दिखाए जा रहे हैं उत्तेजक दृश्य

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक दर्शकों की सैंक़ड़ों ऐसी शिकायतें हैं जिनमें कहा जाता है कि टीवी कार्यक्रमों के कंटेंट की वजह से बच्चों और परिवारों में गलत संदेश जा रहा है। इन शिकायतों को देखते हुए मंत्रालय में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कंटेंट की निगरानी सेंटर ने कई टीवी कार्यक्रमों के संवाद, दृश्य और प्रस्तुतिकरण को आपत्तिजनक पाया है। सूत्रों के मुताबिक सेंटर ने 16 जून से 30 जून और 1 जुलाई से 15 जुलाई 2011 के बीच के बीच दिखाए जाने वाले टीवी कार्यक्रमों की निगरानी कराई, जिसमें पाया गया कि 4006 मामलों में सरकार के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय की छानबीन समिति ने 20 जुलाई को सेंटर की इन आपत्तियों को सही पाया और आठ चैनलों को उनके कंटेंट के लिए नोटिस भेजे गए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने नोटिस के अलावा कुछ चैनलों को यह सलाह भी दी है कि वह तुरंत अपने ऐसे कार्यक्रमों के कंटेंट में बदलाव लाएं जिससे हिंसा, महिलाओं के प्रति भेदभाव या अश्लीलता को ब़ढ़ावा मिल रहा हो। जिससे समाज का वातावरण दूषित होने का खतरा हो।

इन चैनलों में कोलकाता टीवी, सोनी टीवी, न्यूज24, पी-7, पावर विजन टीवी, ईटीवी मराठी, ज़ी बांग्ला, कलर्स, फॉक्स क्राइम, इटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसग़ढ़ शामिल है। इसके अलावा समिति ने मंत्रालय से सिफारिश की है कि बंसल न्यूज के “एक्सपोर्ट होती ल़ड़कियां”, समय चैनल के “यह भी है खबर”, डीडी नेशनल के “सात वचन सात फेरे”, कलर्स के “खतरों के खिला़ड़ी”, इंडिया विजन के “द रियल बॉक्स”, यूटीवी बिंदास के “स्कूल ऑफ र्फ्ल्ट” और इमैजिन टीवी के कार्यक्रम “बाबा ऐसो वर ढूंढो” कार्यक्रम के लिए उन पर कार्रवाई की जाए।

(सौजन्य-प्रेसनोट)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.