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गांधी के आदर्श से प्रेरित होना और गोली मारो का प्रयोग..

By   /  February 4, 2020  /  No Comments

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-संजय कुमार सिंह।।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए आयोजित एक रैली में शाहीनबाग के विरोध प्रदर्शन को प्रयोग कहा। उन्होंने कहा कि यह (दिल्ली चुनाव के मौके पर) संयोग नहीं प्रयोग है। मैं इस पर पहले लिख चुका हूं कि शाहीनबाग भाजपा की सरकार के कारण है। ना सीएए आता, ना शाहीनबाग होता। वैसे भी सरकार चाहे तो प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने में क्या लगता है। इस पर आज मैंने एक अलग पोस्ट भी लिखा है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री का ऐसा कहना शायद एंटायर पॉलिटिकल साइंस का ज्ञान है। मैं उसपर ज्यादा कुछ बोल नहीं सकता। द टेलीग्राफ ने आज उसी संदर्भ में लिखा है कि इस समय (भाजपा की फिल्म) “द स्टोरी ऑफ माई एक्सपेरीमेंट्स ऑफ बापू एंड आवर गोली मारो बॉयज” चल रही है।


यह आज के अखबार की पहली खबर है। इस फिल्म के नाम को हिन्दी में, “बापू और गोली मारो कहने वाले हमारे लड़कों से प्रयोग की कहानी” कह सकते हैं। अखबार ने इस संदर्भ में आज अपनी खबर का शीर्षक लगाया है, “आप ब्रिटिश ऐकेडमी फिल्म अवार्ड पाने से कैसे रह गए, सर? परेशान न हों, ऑस्कर्स अगले ही हफ्ते है”। यह संयोग ही है कि साल 2020 का 73वां बाफटा समारोह कल ही लंदन के रॉयल अलबर्ट हॉल में था। इस साल का 92 वां ऑस्कर समारोह 10 फरवरी को लॉस एंजिल्स में है।
अखबार ने फिल्म अपने पहले ही पन्ने पर दिखाई है और राजघाट पर शीश नवाए प्रधानमंत्री की फोटो के साथ उसे याद किया है जो उन्होंने 30 जनवरी को कहा था। महात्मा गांधी के विचार एवं आदर्श सक्षम, सशक्त न्यू इंडिया के लिये प्रेरित करते रहेंगे। इसके साथ गोली मारो कहने वाले “हमारे लड़कों” के बयान हैं। सबसे पहले भाजपा सांसद अनंत हेगड़े की फोटो के साथ एक फरवरी का बयान है, “इतिहास पढ़ने पर मेरा खून खौल उठता है। ऐसे लोग भी हमारे देश में महात्मा बन जाते हैं।” इसके साथ भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा की फोटो है जो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के सुपुत्र हैं और वंशवाद विरोधी भाजपा के टिकट के चुनाव जीत कर सांसद हैं।
अखबार ने लिखा है कि कई महिलाओं ने नरेन्द्र मोदी को लिखा था कि भाजपा नेता चुनाव अभियान के संदेश के रूप में बलात्कार के डर का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद भाजपा ने प्रवेश वर्मा को उम्मीदवार बनाया। इस बारे में अखबार में एक खबर पहले पन्ने पर ही है। शीर्षक है, प्रवेश चुने हुए में से एक हैं। आपको याद दिला दूं कि प्रवेश ने क्या कहा था और क्यों चुने हुए हैं। उन्होंने कहा था, दिल्ली में अगर भाजपा की सरकार बनी तो एक घंटे के अंदर पूरे शाहीन बाग को खाली करा लिया जाएगा। शाहीन बाग में एक भी आदमी नजर नहीं आएगा। …. आज शाहीन बाग में पांच लाख लोग जुटे हैं, यदि दिल्ली में भाजपा की सरकार नहीं बनी तो वहां 20 लाख लोग जुटेंगे। ऐसी स्थिति न हो, इसके लिए जरूरी है कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बने। प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा था कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी घरों में घुसेंगे, बहन-बेटियों से रेप कर सकते हैं।
आज अखबार में प्रधानमंत्री की राजधाट वाली तस्वीर के नीचे एक और तस्वीर है। इसके साथ उनका कल का भाषण, “सीलमपुर हो, जामिया हो या फिर शाहीनबाग, सीएए के विरोध में हो रहा प्रदर्शन महज एक संयोग नहीं, यह एक प्रयोग है”। इसके बाद अखबार ने कल के भाषण को मुख्य खबर बनाया है। इसका शीर्षक है, शाहीनबाग ‘प्रयोग है’। क्या आप यही कहना चाहते हैं प्रधानमंत्री जी? उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने इस भाषण में गोली मारो से प्रेरित युवकों द्वारा गोली चलाने के बारे में कुछ नहीं कहा। मैंने भाषण तो नहीं सुना पर लोग चकित हैं कि प्रधानमंत्री ने इसपर कैसे कुछ नहीं कहा। टेलीग्राफ ने अपनी खबर में याद किया है कि गुजरात का कुख्यात वर्णन, “हिन्दुत्व की प्रयोगशाला” विश्व हिन्दू परिषद के प्रवीण तोगड़िया ने 2002 के दंगों के दौरान किया था।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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