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स्विस बैंकों से काला धन वापस लाने का उचित समय

By   /  May 9, 2020  /  No Comments

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-पूनमचंद भंडारी एडवोकेट।।

स्विस बैंकों में भारतीयों का जमा काला धन वापस लाने की बात 2014 से चल रही है और मोदी जी ने कहा था काला धन आजाए तो हर भारतीय को 15 लाख मिल सकते हैं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी और एक कमेटी का भी गठन हुआ था और करीब 500-600 लोगो के नाम भी सरकार को उजागर किए गए थे जिनके पैसे स्विस बैंकों में जमा है और उनकी लिस्ट सुप्रीम कोर्ट में सील्ड कवर में पेश की गई थी क्योंकि मोदी सरकार ने कहा था कुछ विशेष कारणों से नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने चाहिए।

बाबा रामदेव भी कहा करते थे विदेशों से काला धन मंगवाया जाएगा। आश्चर्य है कि कांग्रेस व अन्य राजनीतिक पार्टियां स्विस बैंकों में जमा काले धन के बारे में चुप है कोई सुरसुराहट भी नहीं है, जबकि मोदी सरकार के पास उन लोगों के नामों की लिस्ट है जिनके रूपए स्विस बैंकों में जमा हैं। देखिए इस समय पूरा देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है, मजदूर भूख से मर रहे हैं व्यापारी, उद्योगपति व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तो पीएम केयर्स फंड व मुख्य मंत्री रिलीफ फंड में दान दिए हैं और जरुरतमंदों के लिए भोजन वगैरह की व्यवस्था भी करवायी है और करवा रहे हैं लेकिन अब इनकी भी हालत धीरे धीरे खराब हो रही है और लंबे समय तक सहायता नहीं कर पाएंगे। इसलिए अब हमारे पास अब दो ही विकल्प हैं एक तो हमारे सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री, मंत्री और पूर्व मंत्री तथा मेयर पार्षद व अन्य नेता वगैरह देश हित में अपनी सम्पत्तियां कुर्बान कर दें क्योंकि अभी तक एक भी नेता ने अपनी व्यक्तिगत आय में से आर्थिक मदद नहीं की है और राजनैतिक पार्टियों के खातों में जमा पैसे जनता पर खर्च किया जाय।

दूसरा विकल्प स्विस बैंकों से काला धन वापस मंगवाया जाय जो मोदी जी के लिए आसान है क्योंकि पूरा देश मोदीजी के साथ है संसद में सारे कानून पास हो रहे हैं, सीबीआई, आई बी ईडी आदि सारी संस्थाएं मोदीजी के साथ हैं जिनके पैसे जमा हैं उनके नाम भी मोदी सरकार के पास हैं इन सब लोगों पर दबाव डालकर ये धन मंगवाया जा सकता है और ये आनाकानी करें तो इनपर पहला दबाव इनके नाम सार्वजनिक करके बढ़ाया जा सकता है बाकी सीबीआई, आईबी व ईडी वगैरह कर देंगे, नहीं तो बादमें जनता देख लेगी।

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  • Published: 4 weeks ago on May 9, 2020
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  • Last Modified: May 9, 2020 @ 1:34 pm
  • Filed Under: मीडिया

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