/चंडीगढ़ में लड़कियों ने बनाया लड़की को ही शिकार, Nude MMS बना कर इंटरनेट पर डाला

चंडीगढ़ में लड़कियों ने बनाया लड़की को ही शिकार, Nude MMS बना कर इंटरनेट पर डाला

इन दिनों इंटरनेट पर चंडीगढ़ की एक कॉलेज छात्रा का एमएमएस खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले इस छात्रा को शहर की चार लड़कियों ने बीच सड़क पर रोक लिया और अपनी मारुति कार में डालकर पीटा, उससे पैसे और मोबाइल छीन लिए और फिर उसके कपड़े उतारकर एमएमएस भी बनाया। छात्रा पुलिस को शिकायत करना चाहती है, लेकिन उसे डर है कि इससे वो और बदनाम हो जाएगी।

एमएमएस के कुछ दृश्य

खबर है कि यह सनसनीखेज वारदात करीब सात दिन पहले पंचकुला सेक्टर 4 के एक होटल के पीछे हुई थी। वारदात की शुरुआत चंडीगढ़ के एक डिस्कोथेक से हुई। वारदात 26 सितंबर दोपहर करीब 2 बजे की है। एमएमएस में छात्रा को एक सफेद रंग की मारुति कार में बिठाया जाता है। कार में लड़कियां उसे पीटती हैं तथा उसका मोबाइल फोन छीन लेती हैं। उसके बाद लड़कियों ने कार में ही उसकी जेब से पैसे निकालने की कोशिश की। छात्रा के विरोध करने पर उसे कार से बाहर उतारा गया और गालियां दी गईं।

फिर उसकी पिटाई की जाती है और जेबों की तलाशी ली जाती है। इस दौरान 1000 रुपये निकलते हैं, जिसे उन लड़कियों ने अपनी जेब में रख लिया। छात्रा गिड़गिड़ाती है कि पैसे उसके नहीं, मां के हैं, फिर भी चारों लड़कियों ने उसे पीटा। फिर उसके कपड़े उतारकर एमएमएस भी बनाया।

छात्रा से बदसलूकी करने, एमएमएस बनाने में जो चार लड़कियां शामिल हैं वे भी बीए की छात्राएं हैं और अक्सर डिस्को और नाइट पार्टियों में नजर आती हैं। चारों लड़कियां पंचकुला में ही पेइंग गेस्ट के तौर पर रहती हैं। इनकी शिकार हुई छात्रा भी पंचकुला की ही रहने वाली है। इन लड़कियों ने यह एमएमएस दूसरों में भी बांट दिया और अब यह इंटरनेट पर भी फैल रहा है। चंडीगढ़ में इस तरह का यह पहला मामला है, जब लड़कियों ने ही किसी लड़की का एमएमएस बनाया हो।

उधर पुलिस का कहना है कि उसे इसकी जानकारी नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया दरबार को कहा, ”अगर इस तरह किसी लड़की को प्रताड़ित किया गया है और उसका एमएमएस बनाया गया है, तो उसे पुलिस से पूरा सहयोग मिलेगा। मैं आपको यकीन दिलाता हूं, कि लड़की की शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज कर आरोपी लड़कियों को गिरफ्तार किया जाएगा।” इस मामले में आईटी एक्ट, शारीरिक शोषण और लूट का केस दर्ज किया जाएगा।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.