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राहुल की मेट्रो यात्रा, न्यूज़ एक्सप्रेस पर एक्सक्लूसिव, रिपोर्टर के सूत्रों के सौजन्य से

By   /  October 5, 2011  /  1 Comment

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कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने मंगलवार को सुरक्षा का तामझाम छोड़कर मेट्रो की सवारी कर सब को चौंका दिया, लेकिन तमाम टीवी चैनलों को न्यूज एक्सप्रेस के एक रिपोर्टर ने चौंका दिया जब उसने इस खुफिया प्लान के बावजूद मेट्रो से उतरते वक्त उनकी कवरेज कर ली।

दरअसल रोहिणी के जापानी पार्क के पास कांग्रेस पार्टी की एक रैली में पहुंचने के लिए राहुल गांधी के आने का कार्यक्रम तय था और तमाम चैनलों के रिपोर्टर व कैमरामैन उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। राहुल कैसे आएंगे यह किसी को मालूम नहीं था।

उधर बगैर किसी तामझाम के राहुल गांधी तुगलक लेन स्थित अपने निवास से निकले और सीधे पहुंच गए रेसकोर्स मेट्रो स्टेशन। वहां पहले रोहिणी तक पहुंचने की जानकारी ली और फिर मेट्रो में आम यात्रियों के साथ सवार हो गए।

इतने में न्यूज़ एक्सप्रेस के मेट्रो इंचार्ज अतुल सिंघल को उनके सूत्रों से पता चला कि राहुल मेट्रो से आ रहे हैं। अतुल ने फौरन अपने कैमरामैन को लिया और बाहर निकल गए। चैनल की गाड़ी पार्किंग में खड़ी थी जिसका निकलना लगभग असंभव था। उन्होंने एक स्थानीय नेता से मदद मांगी और उसकी गाड़ी से रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पहुंच गए। मेट्रो स्टेशन पर राहुल बाहर निकले तो न्यूज एक्सप्रेस इकलौता चैनल था जिसका कैमरा वहां मौजूद था।

हालांकि राहुल ने कोई वक्तव्य नहीं दिया लेकिन अतुल उनकी तस्वीरें लेने में कामयाब रहे। बाद में लगभग सभी चैनलों ने इन्हीं तस्वीरों को चलाया। मेट्रो स्टेशन से कार्यक्रम स्थल के लिए रेडियो टैक्सी भी किराए पर ली। जेड प्लस श्रेणी सुरक्षा प्राप्त राहुल गांधी के इस प्रकार यात्रा करने पर कई तरह की चर्चा रही। कांग्रेस ने इसे लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के संदेश से जोड़ कर देखा तो भाजपा इसे सस्ती लोकप्रियता बटोरने का उपाय बताने में जुट गई है।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. sanjay mishra says:

    इ love

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