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Youtube पर आया युवती का MMS, लगा हमला करवाने का आरोप, NCW जाएगा मामला

By   /  October 8, 2011  /  No Comments

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चंडीगढ़ के निकट पंचकुला में जिस 19 वर्षीय युवती का अश्लील एमएमएस बना था अब वह खुद ही आरोपों के घेरे में आ गई है। उसका एमएमएस बनाने वाली एक युवती पर गुरुवार को कुछ अज्ञात युवकों ने हमला कर दिया था। घायल लड़की ने पीजीआई में स्पष्ट कहा है कि उसकी सहेली के साथ घूम रहा लड़का उनसे एक लाख रुपये मांग रहा था और धमकी दे रहा था कि पंचकुला पुलिस में तैनात एक ऑफिसर के जरिए उसे फंसवा देगा। गौरतलब है कि एमएमएस बनाने की शिकायत थाने की बजाय एसीपी इकबाल कौर के ऑफिस में दी गई।

घायल युवती की मां ने बताया कि उनकी बेटी सुबह 11 बजे मोबाइल रिचार्ज कराने गई थी। बकौल मां, उनकी बेटी की स्कूटी को रास्ते में बाइक सवार दो युवकों ने टक्कर मारी। बेटी गिरी तो उस पर तेज धारदार हथियार से हमला भी किया गया। युवती का दावा है कि उसने बेहोश होने से पहले हमलावरों को फोन पर बात करते सुना था जिसमें एक युवक कह रहा था कि काम हो गया है। युवती का आरोप है कि हमलावरों ने एमएमएस वाली लड़की से ही बात की।

उधर जिरकपुर पुलिस हादसे पर शक जता रही है। उनके मुताबिक लड़की अनफिट है और उसने कहा है कि वह अभी बयान नहीं देना चाहती। स्थानीयलोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने एमएमएस मामले में ही केस दर्ज कर लिया होता तो यह हादसा न हुआ होता।

पुलिस की ढीले रवैये के खिलाफ अब कानून के जानकार भी लामबंद होने लगे हैं। चंडीगढ़ के एक वकील अरविंद ठाकुर मामले को नैश्नल कमीशन फॉर वीमेन ले जाने की तैयारी में हैं। ने बताया कि उन्होंने पूरा केस स्टडी किया है। इससे मालूम पड़ता है कि रीना पूरी तरह दबाव में है। उन्होंने शुक्रवार को इस संबंध में कमीशन एक दरख्वास्त भी दी है। चंडीगढ़ के ही एक और वकील पंकज चांदगोठिया भी इस केस में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पंचकुला पुलिस ने इस गंभीर एमएमएस को सहेलियों का आपसी मजाक बताकर दबा दिया था। लेकिन अब इस हमले और उसके बाद लगे आरोप से पुलिस की इस थ्योरी की धज्जियां उड़ने लगी हैं। अब सवाल उठता है कि एमएमएस की पूरी हकीकत अगर सहेलियों के बीच का मजाक था, तो इस लड़की पर हमला क्यों हुआ? वहीं, पंचकुला के डीसीपी मुनीष चौधरी अब भी कह रहे हैं कि अगर पीड़ित युवती शिकायत देती है, तो तुरंत केस दर्ज होगा।

उधर कई समाचार चैनलों और वेब पोर्टलों ने एमएमएस को वीडियो ब्लॉगिंग साइट यूट्यूब पर अपलोड कर दिया है। चूंकि यूट्यूब पर अश्लीलता के मानदंड बहुत कड़े हैं इसलिए वीडियो को एडिट कर के ही अपलोड किया गया है। दिलचस्प बात ये है कि ये चैनल टीवी स्क्रीन पर तो युवती की तस्वीर मोज्जैक कर दे रहे हैं, लेकिन यहां सभी का चेहरा साफ दिख रहा है।

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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