/‘‘मदेरणा तो गयो…” : आखिर करना ही पड़ा भंवरी देवी मामले में फंसे मंत्री को बर्खास्त

‘‘मदेरणा तो गयो…” : आखिर करना ही पड़ा भंवरी देवी मामले में फंसे मंत्री को बर्खास्त

भंवरी देवी मामले में हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों और राजनीतिक दबाव के चलते राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आखिरकार पल्ला झाड़ ही लिया। रविवार शाम मुख्यमंत्री की सिफारिश पर ने जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा को राज्यपाल ने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। गौरतलब है कि कांग्रेस आलाकमान भी इस मामले में सरकार और पार्टी की छवि को हो रहे नुकसान से खासा नाराज़ था।

रंगीनियों के शौकीन मदेरणा का भविष्य अंधेरे में

कांग्रेस पर यह दबाव तब और बढ़ गया था जब उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने कैबिनेट से दागी मंत्रियों को निकाल बाहर किया था। मदेरणा को मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर लगातार दबाव बना हुआ था। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने मुख्यमंत्री को इस बारे शीघ्र निर्णय करने के लिए कह दिया था। इसी के बाद मदेरणा को हटाने की पृष्ठभूमि तैयार हुई।

सूत्रों का कहना है कि शनिवार को मुख्यमंत्री ने मदेरणा को बुलाकर उनसे इस्तीफा मांगा लेकिन वह तैयार नहीं हुए। मदेरणा आलाकमान के सामने अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली रवाना हो गए। तब मुख्यमंत्री ने पूरा घटनाक्रम राष्ट्रीय नेताओं को बताया और आलाकमान की अनुमति से मदेरणा को रविवार को बर्खास्त कर दिया। कार्यवाहक राज्यपाल शिवराज पाटिल ने बर्खास्तगी के प्रस्ताव को अनुमति दे दी।

महिपाल के पिता परसराम मदेरणा राजस्थान में जाटों के बड़े नेता माने जाते हैं। इसीलिए मुख्यमंत्री महिपाल को मंत्रिमंडल से हटाने को लेकर दुविधा में थे। जब कांग्रेस आलाकमान का दबाव बढ़ा, तो मुख्यमंत्री को निर्णय लेना पड़ा।  मदेरणा का कार्यभार फिलहाल उद्योग मंत्री राजेन्द्र पारीक को सौंपा गया है।

उधर जब मदेरणा को अपनी बर्खास्तगी की सूचना मिली तो वे नया नाटक करने लगे। हालांकि इस बारे में राज्य सरकार को रविवार शाम को ही सूचित भी कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद मदेरणा ने अपने निवास पर मीडिया के सामने इस्तीफा देने की घोषणा की।

अब मदेरणा के बाद अन्य दागी चेहरों को भी कैबिनेट से निकाल बाहर करने की तैयारियां शुरु हो गई है। भतरपुर के गोपालगढ़ में हुई हिंसा में मेव समाज के दस लोगों के मारे जाने से नाराज कांग्रेस आलाकमान को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री गृह मंत्री शांति धारीवाल से इस्तीफा ले सकते है। साथ ही कुछ नए लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल करने और कुछ को हटाने की तैयारियां भी शुरू हो गई है।

एएनएम तथा लोकगायिका भंवरी देवी बीते सितंबर महीने से लापता है। चर्चा है कि भंवरी की मदेरणा के साथ एक सीडी बनी थी। सीडी तैयार करने में भंवरी की भी भूमिका थी। इसी के बाद उसे गायब कर दिया गया। कोर्ट के आदेश पर इस मामले में मदेरणा के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी लेकिन अभी तक भंवरी देवी का कोई पता नहीं चल पाया है।

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.