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भास्कर ने भी छेड़ी टीम अन्ना के खिलाफ मुहिम, विश्वबंधु गुप्ता ने दागे कई सवाल

By   /  October 24, 2011  /  6 Comments

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मेरे पास बीस दस्तावेज़ हैं जो साबित कर सकते हैं कि केजरीवाल और सिसौदिया सिर से पांव तक बेईमान हैं। अन्ना को यह जवाब देना होगा कि उन्होंने इन बेईमानों को अपना विश्वासपात्र क्यों बनाया। – विश्वबंधु गुप्ता, पूर्व आयकर अपर आयुक्त

अन्ना जवाब दें: विश्वबंधु गुप्ता रामलीला मैदान में मंच से बोल चुके हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के किरण बेदी की नीयत पर सवाल खड़े करने के बाद अब हिंदी का जाना-माना अखबार दैनिक भास्कर भी खुल कर टीम अन्ना के खिलाफ मैदान में उतर गया दिखता है। इस अखबार ने पूर्व आयकर अपर आयुक्त और बाबा रामदेव के स्वघोषित शिष्य विश्वबंधु गुप्ता के हवाले से किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एक विस्तृत रिपोर्ट छापी है। जाहिर है, अब यह अखबार भी फेसबुक और ट्विटर जैसी साइटों पर आलोचनाओं के घेरे में आ गया है। गौरतलब है कि विश्वबंधु गुप्ता अन्ना को कांग्रेस का पैड एजेंट बता चुके हैं। आइए जरा एक नजर डालें भास्कर की रिपोर्ट पर-

भ्रष्टाचार के आरोपों पर टीम अन्ना हर ओर से घिर रही है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश जेएस वर्मा और टीम अन्ना के एक सदस्‍य व पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े के सवाल उठाने के बाद अब एक पूर्व आयकर अधिकारी ने अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाया है।

आर्थिक अपराधों व आयकर से जुड़े नियम-कानून के जानकार, पूर्व आयकर अपर आयुक्त विश्व बंधु गुप्ता ने कहा है कि इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि केजरीवाल इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के नाम पर हेराफेरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में कुछ दस्तावेज भी उनके हाथ लगे हैं, जिन्हें वह शीघ्र ही सार्वजनिक करेंगे।

गुप्ता के मुताबिक आईएसी का कोई कानूनी वजूद नहीं है। दैनिकभास्कर.कॉम से बातचीत में गुप्ता ने बताया कि आईएसी की वेबसाइट ( इंडिया अगेंस्ट करप्शन.ओआरजी) का डोमेन अरविंद केजरीवाल ने 17 नवंबर, 2010 को रजिस्टर्ड कराया है। रजिस्ट्रेशन के लिए उन्‍होंने ‘बी 5, सफदरजंग एनक्लेव’ का पता और 9999512347 फोन दिया है। पर वेबसाइट पर कहीं भी, किसी भी रूप में पीसीआरएफ (पब्लिक काउज रिसर्च फाउंडेशन), जो केजरीवाल का एनजीओ है, का जिक्र नहीं है। लेकिन आईएसी के नाम पर दान में जुटाई गई रकम पीसीआरएफ के खाते में डाली गई है।

गुप्ता का यह भी दावा है कि रामलीला मैदान में अन्ना के अनशन के दौरान मिली दान की रकम का पूरा ब्यौरा वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं किया गया है। इन आरोपों पर केजरीवाल का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर फोन किया गया, लेकिन फोन कॉल रिसीव नहीं किया गया।

गुप्ता ने ट्विटर पर लिखा है, ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) में वित्तीय गड़बड़ी का सच सामने आने से पहले ही अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और किरण बेदी को टीम अन्‍ना छोड़ देना चाहिए। इस हेराफेरी में केजरीवाल और सिसौदिया सहित तीन लोग शामिल हैं। तीसरे शख्स का नाम आईएसी की वेबसाइट पर अन्ना हजारे की कोर टीम में नहीं दिखाया गया है।’

पूर्व नौकरशाह आगे लिखते हैं, ‘‘केजरीवाल और सिसौदिया भोले-भाले लोगों को मूर्ख बना सकते हैं लेकिन हम जैसे लोगों को नहीं, जो आर्थिक अपराध साबित करने में पारंगत हैं। मेरे पास 20 दस्तावेज हैं और मैं इन्हें सार्वजनिक कर सकता हूं कि किस तरह हेराफेरी हुई है। मैं दस्तावेजों के बिना नहीं बोलता हूं।’’

विभीषण?: कभी टीम के सक्रिय सदस्य रहे अग्निवेश ने भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे

गौरतलब है कि हाल में केजरीवाल पर रामलीला मैदान में अन्‍ना के अनशन के दौरान मिले चंदे की रकम से 80 लाख रुपये अपने एनजीओ (पीसीआरएफ) के खाते में डालने के आरोप हैं, वहीं किरण बेदी पर रियायती दर पर हवाई सफर कर आयोजकों से पूरा किराया वसूलने का आरोप है। कभी टीम अन्ना का हिस्सा रहे स्वामी अग्निवेश की ओर से केजरीवाल पर लगाए गए इन आरोपों पर टीम अन्ना ने सफाई दी है कि चूंकि पीसीआरएफ के नाम से ही खाता है इसलिए पैसे उसी के अकाउंट में जमा कराए गए वहीं बेदी कहती हैं कि उन्‍होंने बचे हुए पैसे को अपने एनजीओ के खाते में डाले जो जरूरतमंदों की देखभाल करता है।

किरण बेदी इंडिया विजन फाउंडेशन नाम से एनजीओ चलाती हैं। बेदी ने सोमवार को ट्वीट कर बताया कि एनजीओ के ट्रस्टियों ने उन्‍हें आयोज‍कों के निमंत्रण पत्र में उल्लेख किए गए क्लास में ही विमान यात्रा करने के लिए कहा है और अब तक कमतर दर्जे में यात्रा कर बचाए गए पैसे लौटाने के भी निर्देश दिए हैं। इस ट्वीट के जवाब में कुछ लोगों ने लिखा कि यह तो एक तरह से गलती मानने जैसा है। बेदी ने कहा, ‘‘फाउंडेशन के ट्रस्‍टियों ने एक प्रस्‍ताव पारित कर मुझे निमंत्रण के मुताबिक सफर करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में मेरे पास मनमानी का कोई विकल्‍प नहीं बच पता है। ट्रस्टियों ने ट्रैवल एजेंट को किराए से बची रकम आयोजकों को लौटा देने के भी निर्देश दिए हैं।’’ बेदी के एनजीओ में प्रहलाद कक्‍कड़, लवलीन थडानी, आचल पॉल, प्रदीप हलवासिया, अमरजीत सिंह और सुनील नंदा जैसे लोग हैं।

इससे पहले पूर्व प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) जेएस वर्मा ने संगठनों से यात्रा के लिए ज्यादा शुल्क वसूलने को लेकर बेदी की आलोचना की। उन्होंने रविवार को कहा, ‘‘आपने जो राशि खर्च ही नहीं की, उसके बारे में दावा नहीं कर सकते। एक पूर्व पुलिस अधिकारी द्वारा ऐसा करना अनुचित है।’’  टीम अन्‍ना के सदस्‍य जस्टिस संतोष हेगड़े ने भी बेदी पर निशाना साधा है। हेगड़े ने अब कहा है कि ज्‍यादा किराया वसूलना ‘बर्दाश्त नहीं’ है। उन्‍होंने कहा, ‘‘अब दो संगठनों ने कहा है कि बेदी ने पूरा किराया वसूलने की बात उन्‍हें नहीं बताई थी, जो बर्दाश्‍त करने लायक नहीं है।’’ इससे पहले जस्टिस हेगड़े ने कहा था कि बेदी यदि आयोजकों को बताकर पूरा किराया वसूलती हैं तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है।

एक के बाद एक कर टीम अन्ना के सदस्यों पर लग रहे आरोपों पर गुप्ता ने अन्ना हजारे पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा है, ‘‘क्या अन्ना हजारे खुद को इस टीम से अलग कर सकते हैं जिसके लोग वित्तीय गड़बड़ी में जुटे हैं और हर वक्त अन्ना के आसपास रहते हैं।’’ रामलीला मैदान में मंच से अन्ना और बाबा रामदेव के आंदोलन के समर्थन में भाषण देने वाले गुप्ता ने लिखा है, ‘‘अन्ना हजारे, आपको अपने टीम के इन चार लोगों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के जवाब देने चाहिए। आपको यह भी बताना होगा कि आप भ्रष्ट लोगों के करीब क्यों आए और ये भ्रष्ट लोग आपके इतने प्रिय क्यों हो गए।’’ हजारे आठ दिन से मौन व्रत पर हैं।

उधर सपा महासचिव मोहम्मद आजम खां ने ‘टीम अन्ना’ पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा है कि इस वक्त भ्रष्टाचार से बड़ा मुद्दा देश की अखंडता का है। आजम ने कहा, ‘‘मुझ पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं है। अन्ना हजारे से ज्यादा ईमानदार मैं खुद हूं।’’

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

6 Comments

  1. ramesh soni says:

    ये जिन सबूतों की बात करते हे , क्या वो आज कल में ही तलाशे गए है
    अगर हा तो ये खास इनके लिए ,इस वक़्त क्यों की गई है
    ओर अगर पहले से ये सबूत इनके पास थे तो ये अब तक चुप क्यों थे
    मेहनत ही करना था तो और भी इनसे बहुत बड़े बेईमान यहाँ भरे पड़े हें
    में समझता hu की थोड़ी बहुत गलतिया यहाँ हर इन्सान ने की हुई है
    ये अपनी उर्जा उन बड़े बेईमानो में खपाने के बजाय खास अन्ना टीम के सदस्यों के
    पीछे खपा रहे है , इससे मुझे ये पूर्वाग्रह के सिवाय और कुछ नहीं दीखता
    जो स्व प्रेरणा के बजाय किसी और के इशारे पर किया जा रहा हें
    ओर इस तरह ये उनसे अधिक अपनी छवि ख़राब कर रहे हें या ,
    इस तरह से खुद को प्रचारित कर रहे हें

  2. Rajesh Sharma says:

    मेरे गले एक बात नहीं उतरती हिंदुस्तान का मीडिया जो जहा आज एक चोथा स्तम्भ मन जाता हें ! लेकिन शायद पीट पत्रकारिता मी उलझ कर रहा गया हें ? जब भी कोई मुद्ददा आता हें उसके वास्तविक पहलू में जाने या उसका दिक्स्लेषण के वजाय उसके नकारात्मक सोच पर ही जोर देता हें जो मेरी सोच में गलत हें ! या दुसरे शब्दों में कहे कम मेहनत से जयादा ख्याति अर्जित करना होता हें जो एक व्यावसायिक नजरिये से अच्छा भले ही हो लेकिन पत्रिकारिता के नजरिये से गलत हें ! जब भी कोई ज्वलत मुद्दा होता हें तभी उसके पहलूओ को उठाने और केवल नकारात्मक सोच या पहलू को उजागर करने से भास्कर क्या हासिल करना चाहता हें ! अगर उनके पास एइसे ही दस्तावेज हें तो क्या केवल केजरीवाल और अन्ना के टीम के ही हें ? मेरा मन्ना हें यदि वे देश के सच्चे हितेषी हें तो एईसी किसी भी दस्तावेज को पुरजोर उजागर करना चाहिए? बरना ते एक स्वस्थ पत्रिकारिता के लिए सिवाय ब्लैक मैलिंग के अलावा कुछ नहीं?

  3. swami samvit chaitanya says:

    ये तो ध्रुव सत्य है की चोरो के बीच कोई ईमानदार नहीं हो सकता पर ये तो बिलकुल ही बिलक्षण है की कोई चोर किसी को चोर कहे

  4. Ramesh kumar says:

    These are technical issues that can be re adjusted .Since large funds came all of a sudden I feel kejriwal must have taken short form .There is no stealing of money but just transfer from one social account to other and can be corrected with advise of govt officlas who have duty to guide and not police Ann team..

  5. B L TIWARI says:

    yadi anna ji yah anndolan bapass le len to kaiya yah sab aarop jo bhinnann prakar ke hai AAP SABHI JO BHI HAI JITENE BHI KAIYA JANLOK PAL BILL KO PASS KARASAKTE HO BHASKAR KEWAL DOODH KA DHOYA HARISH CHAND KI PIDI KA HAI VAH BHI SABSE BADA SOUDA GAR HAI YADI DESH HIT MAI KOYEE KAM HO RAHA HAI TO US KO AAGE BADNEDO HAIYA SAB BATTE BAD ME BHI HO SAKTI HAI

  6. satyendra says:

    यह शुरुवात बहुत अच्छी है- जनता को गुमराह करने वाले केजरीवाल ,बेदी जैसे दूसरो के इशारे पर अपना मकसद साधने वाले इन चेहरों को बे-नकाब करने शुरुवात तारीफ-ए-काबिल है- मैं आप के साथ हू

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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