/नोएडा में पत्रकार की रहस्यमय मौत

नोएडा में पत्रकार की रहस्यमय मौत

अभी मुंबई में क्राइम रिपोर्टर की मौत की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी कि दिल्ली से सटे नोएडा में एक और पत्रकार की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। शहर के वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र भाटी को 13 जून, सोमवार की रात नोएडा स्थित एक फैक्टरी के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया.

नरेन्द्र भाटी नोएडा में एक स्थानीय हिन्दी दैनिक वीर शिवाजी के संपादक थे और कई राष्ट्रीय अखबारों के लिए बतौर संवाददाता कार्यरत थे. उनकी लाश सोमवार की रात नोएडा सेक्टर -8 की एक फैक्टरी के बाहर खड़ी उनकी ही कार में मिली.

नरेन्द्र भाटी अनेकों पत्रकार संगठनों से भी जुड़े थे. वे राष्ट्रीय प्रेस क्लब के संस्थापक मैनेजिंग ट्रस्टी थे तथा उपजा और श्रमजीवी पत्रकार संघ जैसी संस्थाओं के पदाधिकारी भी रह चुके थे.

पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा कि पत्रकार नरेन्द्र भाटी नोएडा के सेक्टर आठ में रात दस बजे के करीब अपनी कार से जा रहे थे. फैक्टरी के सुरक्षा गार्ड ने कहा कि उसने पत्रकार को अचेत अवस्था में पड़ा पाया. भाटी को कैलाश अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि नरेन्द्र भाटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.