/CBI को नहीं मिली कोई CD, कई चैनलों ने चलाए प्रोमो, ड्रॉप किया प्रोग्राम, गहलोत पर नए आरोप

CBI को नहीं मिली कोई CD, कई चैनलों ने चलाए प्रोमो, ड्रॉप किया प्रोग्राम, गहलोत पर नए आरोप

सीबीआई ने बाकायदा प्रेस नोट जारी कर कहा है कि अजमेर के एक बैंक लॉकर से 150 सीडी मिलने की खबर गलत है। इसमें नाममात्र भी सत्यता नहीं है। सीबीआई ने सोमवार को इंद्रा से फिर पूछताछ की। बोरुंदा के निलंबित, पुलिस चौकी प्रभारी लाखाराम से भी पूछताछ की गई। इस बीच पूर्व उप जिला प्रमुख सहीराम की तलाश में कई जगह छापामारी की गई। ब्यूरो को गैस एजेंसी संचालक घनश्याम चौधरी और नर्स कुसुम की भी तलाश है।

गौरतलब है कि सोमवार को खबर आई थी कि सीबीआई को अजमेर के एक बैंक लॉकर में करीब 150 सीडी मिली हैं। कई चैनलों ने न सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज चला दिया था, बल्कि इंडिया टीवी और आजतक जैसे चैनलों ने तो रात में इस पर विशेष कार्यक्रम चलाने के प्रोमो भी चला दिए थे। बाद में जब ये खबर अफवाह साबित हुई तो चैनलों ने यह सूचित करना तक उचित नहीं समझा।

लूणी के विधायक मलखान सिंह विश्नोई की बहन इंद्रा विश्नोई ने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया है कि लापता एएनएम भंवरी देवी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की थी और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा की अश्लील सीडी के बारे में भी उन्हें बताया था। इस पर उन्होंने मदेरणा को भंवरी से मिलकर सुलह करने को कहा था।

भंवरी के साथ ऑडियो कैसेट में सीडी के बारे में बातचीत करने की वजह से इंद्रा जांच के दायरे में है। इंद्रा ने बताया कि भंवरी उसकी भी परिचित थी। भंवरी ने उसे अश्लील सीडी के बारे में बताया था। इंद्रा ने कहा कि भंवरी व उसकी ऑडियो टेप करीब एक साल पुरानी है।  इंद्रा ने बताया कि भंवरी को पाली के सांसद बद्रीराम जाखड़ ने मुंहबोली बेटी बना रखा था। जाखड़ को इस सीडी के बारे में पता चलने पर वे उससे सीडी लेना चाहते थे। बाद में भंवरी ने बताया कि सौदा नहीं बैठा। पैसे कम थे।

उल्लेखनीय है कि अब यह बयान देने वाली इंद्रा से भंवरी की बातचीत का जो ऑडियो टेप आया है उसमें खुद भंवरी इंद्रा से कहती है कि पांच करोड़ थारा (lतुम्हारा), अर दो करोड़ म्हारा(मेरा)। लेकिन इंद्रा ने यह भी कहा कि बातचीत किसने टेप की उसे पता नहीं है, जबकि ऑडियो टेप में खुद भंवरी इंद्रा पर फोन टेपिंग का आरोप लगाते हुए उसे अपशब्द कहती है। 

इंद्रा के अनुसार भंवरी ने उसे बताया था कि मदेरणा उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। इसलिए बाद में भंवरी ने मदेरणा की सीडी बना ली। इंद्रा ने कहा कि सीबीआई एक ऑडियो टेप के आधार पर मुझसे तो पूछताछ कर रही है, मगर असली गुनहगारों को आज तक नहीं बुलाया। पूछताछ करनी है तो लीला और महिपाल मदेरणा से करें। उसने कहा- किसी दबाव के कारण मुझे फंसाने की साजिश की जा रही है।

इंद्रा ने कहा, आखिरी बार पिछले 31 दिसंबर को भंवरी मेरे घर आई थी। उसके बाद हम नहीं मिले। इंद्रा ने दावा किया कि भंवरी के मुख्यमंत्री से मिलने के बाद मदेरणा ने जोधपुर में रेजिडेंसी रोड स्थित एक होटल के पास भंवरी से मुलाकात की और उसे कार में बिठाकर ले गए थे।

उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है, ”मुझसे हर रोज हजारों लोग मिलते हैं। मुझे तो ध्यान नहीं कि भंवरी कभी मुझसे मिली होगी। मेरे लिए तो यह  न्यूज है।”

सांसद बद्रीराम जाखड़ भी अब मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि भंवरी से उनका बेटी-वेटी का कोई रिश्ता नहीं था। ”मैं उसे जानता भी नहीं। एक बार दिल्ली में मेरे पास गैस एजेंसी मांगने आई थी, तो मैंने कहा- मैं तुम्हें जानता ही नहीं तो एजेंसी कैसे दिलवा दूं?, जाखड़ का कहना था। हालांकि भंवरी ने जाखड़ के चुनाव में काम करने की बात की थी, लेकिन सांसद महोदय के मुताबिक उन्होंने साफ कह दिया था- ”मुझे नहीं पता।”

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.