Loading...
You are here:  Home  >  मीडिया  >  Current Article

अभि-ऐश की बेटी ने धरती पर आने से पहले ही किया करोड़ों का कारोबार

By   /  November 16, 2011  /  2 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

ऐश्वर्य राय बच्चन ने पुत्री को जन्म दिया है। अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि ऐश्‍वर्य मां बन गई है और उन्हें कन्यारत्न की प्राप्ति हुई है। ऐश्वर्य को प्रसव पीड़ा के चलते सोमवार सुबह मुंबई सेवन हिल अस्पताल में भर्ती किया गया था।

कल बिग बी ने अपने ट्विटर पोस्ट में लिखा था, “उम्मीदों भरा एक और दिन! भगवान के अपने तरीके हैं और सभी तरीके बेहद खास हैं। हमें इंतजार है।”  देखा जाए तो बिग बी ने परोक्ष रूप से ऐश्वर्य के शीघ्र मां बनने और बच्चे के बारे में बात कही है।

गौरतलब है कि ऐश्वर्य के मां बनने की तारीख को लेकर करोड़ों रुपए की सट्टेबाजी हो चुकी है। पहले 11.11.11 को फिर बाल दिवस पर यानि 14 नवंबर को अमिताभ के घर नए मेहमान के आने की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन बच्चन परिवार का इरादा कुदरत से छेड़छाड़ करने का नहीं था। ऐश्वर्य 15 को अस्पताल में भर्ती हुई थी।

फिर सट्टा इस बात पर भी लगा था कि ऐश्वर्य पुत्र को जन्म देंगी या पुत्री को। इस सट्टेबाजी में कोई मालामाल हुआ तो कोई कंगाल। बहरहाल, इतना जरूर कहा जा सकता है कि धरती पर कदम रखने से पहले ही अभिषेक और ऐश्वर्य की बेटी ने करोड़ों का कारोबार कर लिया है।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 6 years ago on November 16, 2011
  • By:
  • Last Modified: November 16, 2011 @ 11:16 am
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. bhagwan dayal chaubey says:

    दिल के अरमा आंसुओ में बह गए
    हम वफ़ा करते ही tanha रह गए
    हमने तो गुजारी है आंसुओ में जिंदगी
    कब से करे बिचार खुस होके बंदगी
    भगवन दयाल चौबे
    कब होंगे कामयाब

  2. GSBHARAJ says:

    हम बिग बी की इस बात की सराहना करते है और उन्हे नन्ही सी परी के आने की बधाई देते है।

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

एक जज की मौत : The Caravan की सिहरा देने वाली वह स्‍टोरी जिस पर मीडिया चुप है..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: