/जनसंदेश TV के मालिक रामचंद्र प्रधान से छिन सकती है लालबत्ती और BSP सदस्यता?

जनसंदेश TV के मालिक रामचंद्र प्रधान से छिन सकती है लालबत्ती और BSP सदस्यता?

उत्तर प्रदेश में हुए लगभग तीन हज़ार करोड़ के मनरेगा महा घोटाले की जांच सीबीआई पिछले लगभग 4 महीनो से कर रही है। इसमें कई सफेदपोशो के नाम भी जाँच टीम के सामने आए हैं जिनमें पीसीएफ के चेयरमैन, एमएलसी और जनसंदेश टीवी चैनल के मालिक रामचंद्र प्रधान पर तो सीधे उंगली उठ रही है। 

शनिवार को इस प्रकरण में नया मोड़ आ गया जब सीबीआई की पूछताछ का सामना कर रहे  एक ठेकेदार नामित टंडन ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश कर डाली। इस हादसे में ठेकेदार की जान तो बच गई लेकिन एक बात जो खुल कर सामने आ गई वो थी जाँच एजेंसी की छुपी तौर पर चल रही तफ्तीश। सूत्रों के मुताबिक  नमित टंडन ने रमा इंटरप्राइजेज के जरिए जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत पैक्सफेड से 27 एएनएम केंद्र बनवाने का काम लिया था। इस काम में रामचंद्र प्रधान की पत्नी अनीता की फर्म श्रेया इंटरप्राइजेज भी शामिल है जिसपर प्रधान के मित्र आगा रिजवान काम कर रहे थे।

बताया जाता है कि काम दिलाने में एमएलसी रामचंद्र प्रधान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। प्रधान के करीबी आगा रिजवान इसमें माध्यम थे। सूत्रों का कहना है कि 22 फरवरी 2010 से दिसंबर 2010 तक रमा इंटरप्राइजेज के खाते में एक करोड़ रुपये आए। यही नहीं नमित टंडन ने 50 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये कई लोगों के नाम के चेक के जरिए आगा रिजवान को ही दे दिए। सीबीआई को खबर मिली है कि ये सारा पैसे रामचंद्र प्रधान को दिया गया। पूरे घटनाक्रम को लेकर ठेकेदार नमित टंडन से 28 नवंबर व 2 दिसंबर को सीबीआई ने पूछताछ की और इस में श्रेया इंटरप्राइजेज ही जाँच टीम के निशाने पर रही जिसकी प्रोपराइटर प्रधान की पत्नी अनीता प्रधान हैं। पैसों का लेन-देन फर्म के नाम पर भी है इसलिए सीबीआई इनकी घेरेबंदी के लिए नमित की गवाही चाह रही थी।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब मीडिया दरबार ने रामचन्द्र प्रधान से संपर्क किया तब उन्होंने बताया कि उनके मित्र आगा रिजवान ने उनकी पत्नी अनीता प्रधान की फर्म श्रेया इंटरप्राइजेज पर काम किया था। ”मैंने कभी भी एनआरएचएम में ठेका लेने के लिए किसी भी अधिकारी को कभी नहीं कहा।” प्रधान ने कहा। अपनी बातों के समर्थन में हमें 24/10/09 को आगा रिजवान के साथ श्रेया इंटरप्राइजेज का एक एग्रीमेंट मुहैया कराया जिसमे बताया गया है कि आगा रिजवान पुत्र आगा मुख़्तार निवासी 296/28 हाता संगी बेग श्रेया इंटरप्राइजेज पैक्सफेड में सप्लाई का काम करना चाहता है, लिहाजा कारोबार का अधिकार इस शर्त के साथ दिया जा रहा है कि रिजवान फर्म के नाम से जो भी कारोबार या लेनदेन करेंगे उसके जिम्मेदार वही होंगे। प्रधान ने कहा कि सारे टैक्स और किसी भी विवाद होने पर लगने वाला जुर्माना रिजवान ही वहन करेंगे और संभालेंगे भी।

अनीता प्रधान ने मीडिया दरबार को इस बात के भी सबूत दिए कि आगा रिजवान ने कब-कब और कितने पैसो का भुगतान किया। प्रधान ने अपने स्टेट बैंक के एकाउंट का स्टेटमेंट भी मुहैया कराए हैं। सूत्रों की माने तो वर्त्तमान सरकार के कद्दावर मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और शशांक शेखर सहित नवनीत सहगल व वो सभी नेता और अधिकारी जो प्रधान से बाबू सिंह कुशवाहा का करीबी होने के चलते जलन रखते थे अब वही कुशवाहा की तरह ही प्रधान को भी ठिकाने लगाने में लगे हैं। सूत्रों ने ये भी बताया है कि इस लाबी के चलते ही बहुत जल्द रामचंद्र प्रधान को मिली लाल बत्ती और बसपा की सदस्यता दोनों ही छिन जाने वाली है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.