/फेसबुक और गूगल समेत 22 सोशल नेटवर्किंग साइटों को अश्लीलता परोसने के लिए सम्मन

फेसबुक और गूगल समेत 22 सोशल नेटवर्किंग साइटों को अश्लीलता परोसने के लिए सम्मन

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर अश्लील सामग्री के प्रसार के खिलाफ दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों को सम्मन जारी किया है।

याचिका में इन वेबसाइटों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने फेसबुक, गूगल समेत कुल 22 वेबसाइटों को समन जारी करके अगली सुनवाई के दौरान इन वेबसाइटों के अधिकारियों को प्रस्तुत रहने के लिए कहा गया है।

इससे पहले रोहिणी की एक अदालत ने भी ऐसे ही एक मामले में समन जारी किया था लेकिन वो सिविल मामला था। गौरतलब है कि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर अश्लीलता काफी बढ़ गई है।

फेसबुक पर तो स्पैम हमला करके लोगों के प्रोफाइल पर ही ब्लू फिल्में पोस्ट कर दी गई थी। भारतीय यूजर्स की प्राइवेसी को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए फेसबुक ने अभी तक स्पैम हमले के मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में कोर्ट का यह समन काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। फेसबुक पर अश्लीलता के कारण करोड़ों लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी। (भास्कर)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.