Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

हॉट तस्लीमा का ट्विटर पर हॉट कमेंट: “पूनम पब्लिक प्लेस पर करवा सकती है…”

By   /  February 22, 2012  /  6 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

किंगफिशर मॉडल पूनम पांडे किस तरह की हरकतें कर चर्चा में रहती हैं इससे तो आप लोग वाकिफ होंगे ही लेकिन जहां उनकी हरकतें उन्हें लोगों के बीच चर्चित बनाती हैं वहीं कुछ लोगों को चर्चा में आने का मौका भी दे देती हैं।

पूनम पांडेय की इसी न्यूड तस्वीर पर तस्लीमा को है ऐतराज़

हाल ही में शर्लिन चोपड़ा और साक्षी प्रधान ने अपने-अपने फोटो शूट की मीडिया पब्लिसिटी पूनम पांडेय से की तो उन्हें खासी चर्चा मिली। शायद यही देख कर बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी पूनम को जमकर कोसा है और टि्वटर पर खूब गालियां दी हैं।

शर्लिन की उजाले में ली गई न्यूड तस्वीर तस्लीमा को अश्लील नहीं लगी

 

 

 

तस्लीमा ने लिखा है कि पूनम पांड़े का सिर्फ कपड़े उतारने से मन नहीं भरा है अगर उनका बस चले तो सरेआम लोगों के बीच आकर ‘संबंध’ बना लें। बकौल तस्लीमा, पूनम पांडे की हरकतें काफी गंदी है। उन्होंने पूनम पांडे को गंदी-गंदी गालियां भी दी है। तस्लीमा ने लिखा है कि पूनम अपनी इन गंदी हरकत के चलते पैसे कमाना चाहती है।

 

 

मौका मिलने पर तस्लीमा भी हॉट फोटो शूट से नहीं चूकतीं

 

 

 

दिलचस्प बात ये है कि विवादास्पद मॉडल पूनम पांडे पर टिप्पणी करने वाली लेखिका तस्लीमा नसरीन खुद भी हमेशा विवादों में रहती है। अपनी पहली किताब लज्जा के चलते उन्हें अपने वतन बांग्लादेश से बाहर रहना पड़ रहा है। पिछले दिनों उन्होंने टि्वटर पर लिखा था कि मुस्लिम महिलाएं एक साथ 72 कुंवारे पुरुषों के साथ सो सकती हैं। बस उन्हें मौका मिलने की देर है।

देखना है कि तस्लीमा की इस ताज़ा टिप्पणी पर पूनम का क्या जवाब होता है और एक मॉडल अपनी कंट्रोवर्सी में एक लेखिका को शामिल करती है या नहीं?

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

6 Comments

  1. राजन says:

    बाकी लेख सही है पर एक जगह आपने भी गलतबयानी की है।तस्लीमा ने ये नहीं कहा था कि मुस्लिम महिलाएँ 72 पुरुषों के साथ हो सकती हैं बल्कि ये कहा था कि यदि (मुस्लिम) पुरुषों को जन्नत में 72 हूरें मिल सकती है तो मुस्लिम महिलाओं को भी इसी धरती पर 72 पुरुषों के साथ संबंध बनाने चाहिए क्योंकि ऊपर उनके लिए ये इंतजाम नहीं होगा।ये मुस्लिम महिलाओं के चरित्र पर सवाल नहीं है बल्कि पुरुषवादी समाज के दोगलेपन की ओर इशारा है।

  2. Pramod Rawte says:

    Taslima Nasrin galat nahi hai. Unki books pe jo yaha tippaniya ki jati hai darasal wo Muslim mardo ka najariya hai. Usne is najariye ko books k rup me likha hai to fatwo ki mar padi hai unpe. Jara unki book LAJJA padhiye. Bangladesh me jis tarah se alpasankhyak Hinduon pe barbarta ka kahar dhaya gaya, aapka b dil dahak jayega. Hume to Taslima ka shukrgujar hona chahiye jisne apni jaan ki parwa kiye bina ek kattarwad ka ghinona chehra sabke samne laya. Lekin log sirf uske sahitya sirf sex ka maja padhne k liye padhte hai. Isme Taslima ki kya galti hai???

  3. SUREMDER DOGRA says:

    धन्य हैं पूनम और धन्य हैं इन्टरनेट जिसकी मदद से पूनम अपने मकसद में कामयाब हो सकी

  4. सुरजीत सिंह says:

    ये तस्लीमा नसरीन कौन सी दूध की धुली है..? उनकी रचनाओं को बंग्ला भाषा में पढ़िए तो मस्तराम की किताब फेल नज़र आएगी। पुरुषों के शरीर के सभी अंगों का ऐसा रोचक वर्णन किया है कि तबीयत मचल जाए। फिर भी दूसरों को गाली देने से पीछे नहीं हटतीं। लगता है इन्हें खुद 72 कुंवारे मर्द चाहिए।

  5. Shivnath Jha says:

    क्षमा याचना के साथ: जिनते भी “तथाकथित सोसलाईट महिलाएं हैं” अपनी ‘पहुँच’ और ‘एक्सपोजर’ के लिए कुछ भी कर सकती है – शरीर उनका, मन उनका है – लेकिन सभ्यता और महिलाओं के संस्कार पर टिपण्णी करने में कभी एक सुई पीछे नहीं हटेंगी.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

Manisa escort Tekirdağ escort Isparta escort Afyon escort Çanakkale escort Trabzon escort Van escort Yalova escort Kastamonu escort Kırklareli escort Burdur escort Aksaray escort Kars escort Manavgat escort Adıyaman escort Şanlıurfa escort Adana escort Adapazarı escort Afşin escort Adana mutlu son

You might also like...

आखिर होगा क्या मज़दूरों का.?

Read More →
Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
WhatsApp chat
%d bloggers like this: