/तस्लीमा के ‘‘F**K” कमेंट पर पूनम का जवाब: कहा, ‘‘हमारी दुनिया में स्वागत है आपका”

तस्लीमा के ‘‘F**K” कमेंट पर पूनम का जवाब: कहा, ‘‘हमारी दुनिया में स्वागत है आपका”

ट्विटर पर हमले के बाद अब किंगफिशर मॉडल पूनम पाण्डेय ने भी बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूनम ने सीधे तौर पर तो कुछ नहीं लिखा, लेकिन तस्लीमा की आलोचना का करारा जवाब दिया है। पूनम ने लिखा है, “लोग जो कह रहे हैं उसकी परवाह मत करो और अपना काम करो। हो सकता है कि किसी काम के लिए कुछ लोग आपसे नफरत करें, लेकिन आपको उन लोगों के प्यार का ख्याल रखना है, जो आपको प्यार करते हैं।”

यही नहीं इससे पहले ट्वीट में पूनम ने यह भी लिखा है कि किसी से नहीं डरने वाली महिलाएं ही इतिहास बनाती हैं। उन्होंने तस्लीमा को नसीहत देते हुए लिखा है, “मुझे कामयाबी हासिल करने के लिए किसी की जरूरत नहीं है। मैं अपनी मेहनत से कामयाबी हासिल कर सकती हूं। अगर आप चाहें, तो मैं अपनी दुनिया में आपका स्वागत करती हूं।”

पूनम के ट्वीट पर तस्लीमा नसरीन ने फिर ट्वीट किया है और कहा है कि उनका विरोध महिलाओं की गरिमा बचाने के लिए है, ”चीप पब्लिसिटी’ पाने के लिए नहीं। गौरतलब है कि तस्लीमा ने हाल ही में पूनम के कारनामों पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा था, “पूनम पाण्डेय न्यूड हो गईं मगर लगता है अभी तक उनका मन नहीं भरा.वह अभी भी इतनी गंदी हरकतें कर रही हैं जितनी पहले कभी नहीं की…” आगे तस्लीमा ने लिखा था, “लगता है पूनम.. पब्लिक के सामने ही F*** करवाना चाहती हैं।”

पूनम पांडेय पिछले साल वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया के लिए न्यूड होने की बात कहकर चर्चा में आई थीं। तभी से वह लगातार अपने सेमी पोर्न वीडियोज और सेक्सी फोटो ट्विटर पर अपलोड करती चली आ रही हैं। बिग बॉस में जगह न मिलने पर इस बिंदास मॉडल ने अपनी एक वेबसाइट भी लॉन्च की थी जिसमें कई हॉट वीडियो अपलोड किए गए थे।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.