/अगर सोनिया गांधी ने इनकम टैक्‍स की जानकारी सार्वजनिक की तो उनकी जान को खतरा!

अगर सोनिया गांधी ने इनकम टैक्‍स की जानकारी सार्वजनिक की तो उनकी जान को खतरा!

अगर सोनिया गांधी यह बता दें कि वह कितना इनकम टैक्‍स पे करती हैं तो इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है! जी हां, यह कोई खुफिया एजेंसी या किसी व्‍यक्ति का कहना नहीं है बल्कि ऐसा सोनिया गांधी का कहना है। सूचना अधिकार के तहत जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने श्रीमती गांधी से इनकम टैक्‍स रिटर्न के बारे में जानना चाहा, तो उन्‍होंने निजी आजादी की सुरक्षा का हवाला देते हुए ब्‍योरा देने से इनकार कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि इस सूचना का जनहित से कुछ लेना-देना नहीं है।

आरटीआई कार्यकर्ता वी. गोपालकृष्णन ने आरटीआई दाखिल कर वित्‍तीय वर्ष 2000-2001 और 2010-2011 के बीच सोनिया गांधी के इनकम टैक्स रिटर्न का ब्योरा मांगा था। इसके बाद नई दिल्ली के अस्टिटेंट इनकम टैक्स ऑफिसर ने (जो कि चीफ पब्लिक इन्फर्मेशन ऑफिसर भी हैं) 23 जनवरी को आरटीआई ऐक्ट-2005 के सेक्शन-11 के तहत इसके बारे में सोनिया गांधी को लिखा। इसके जवाब में सोनिया ने लिखा कि किसी तीसरे व्यक्ति को इस तरह की सूचना मुहैया कराने से उनकी निजता का तो उल्लंघन होगा ही, उनकी खुद की सुरक्षा को भी खतरे पैदा हो सकते हैं। उन्होंने लिखा कि यह सूचना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को निजी और गुप्त तौर पर सौंपी जाती है। इनकम टैक्स ऐक्ट, 1961 की धारा 138 के तहत यह सूचना किसी तीसरे पक्ष को नहीं मुहैया करानी चाहिए।

गोपालकृष्णन की यह मांग दूसरी बार खारिज की गई है। इसके पहले मुख्‍य सूचना अधिकारी ने बिना सोनिया गांधी से पूछे इसे खारिज कर दिया था। दूसरी बार अपीलीय प्राधाकिरण के हस्तक्षेप के बाद मुख्‍य सूचना अधिकारी ने सोनिया गांधी से इस बारे में पूछा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोनिया गांधी की चिट्ठी के बाद गोपालकृष्णन को दूसरी बार सूचना देने से मना कर दिया है। अब यह सोचने वाली बात है कि देश की कई सेलीब्रेटी एवं बड़ी-बड़ी हस्तियां इनकम टैक्‍स जमा करती हैं तो मीडिया को भी इसकी जानकारी होती है, फिर सोनिया क्‍यों अपना इनकम टैक्‍स रिटर्न सार्वजनिक नहीं करना चाहती हैं। उनके इससे क्‍या खतरा हो सकता है? इस तरह के अनेकों सवाल हैं जो लोगों की जुबान पर हैं।

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